पुरमंडल के गांव मड़ी खुई और सदराल के करीब दो सौ परिवार पैदल चलने के लिए मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। आनंदपुर पंचायत के दो गांव मड़ी खुई और सदराल सड़क होते हुए भी आज तक इसका लाभ लेने से वंचित हैं। यहां के करीब दो सौ परिवारों को रोजाना हर छोटे से कार्य के लिए भी भरसक मेहनत करनी पड़ती है, क्योंकि गांव तक उन्हें पैदल ही जाना पड़ता है। यहां मार्ग ऐसा है, जिस पर दुपहिया वाहन भी न चल सके। लोग इससे परेशान हैं, लेकिन कोई उनकी सुनवाई करने के लिए भी तैयार नहीं। सारा खेल बीच में सौ मीटर सड़क न बनने से बिगड़ा है।
ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव के लिए वर्ष 2007 में सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। लेकिन, वह आज तक अधूरा ही है। लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग को बनाना शुरू किया था, और बीच में कोई सौ मीटर का मार्ग ऐसे ही छोड़ दिया। यह मार्ग ऐसा है जिस पर चिकने पत्थर पड़े हैं। दुपहिया पर चलना खतरे से खाली नहीं, और अन्य वाहन भी एक बार चलने के बाद मरम्मत मांगने लगते हैं। इस मार्ग को लोक निर्माण विभाग सालों से नजरअंदाज कर रहा है। कई बार संबंधित अधिकारियों को बताया भी गया है, और गांव में होने वाली अधिकारियों की बैठकों में भी यह मुद्दा उठाया गया। लेकिन, हमेशा आश्वासनों से ही काम चलाना पड़ा।
स्थानीय राजिंदर पंगोत्रा, रमन कुमार, चरणजीत, राकेश कुमार, हरबंस लाल, आदि ने कहा कि दो सौ से ज्यादा घरों वाले इन गांवों के लोगों को सड़क होने के बाद भी हर कार्य पैदल ही करना पड़ता है। बच्चे स्कूल पैदल जाते हैं, किसी बीमार को चारपाई पर लिटा कर गाड़ी तक पैदल पहुंचाना पड़ता है और सारे घरेलू कार्य भी पैदल ही होते हैं। सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर यहां करीब चार किमी का मार्ग बनाया, लेकिन लोग उसका कोई लाभ नहीं ले पा रहे। जो मार्ग बना था, वह भी टूट रहा है। मात्र सौ मीटर सड़क न बनने से लोग चार किमी के मार्ग के लाभ से भी वंचित हैं।
सिर पर रसोई गैस सिलिंडर उठाकर जाने वाले हरबंस लाल, रजनी देवी और श्यामलाल ने कहा कि तपती गर्मी में दोपहर एक बजे सिलिंडर सिर पर उठाकर दो किमी पैदल चलना बहुत मुश्किल होता है। अगर यहां सड़क होती तो गैस एजेंसी वाले खुद घर आकर सिलिंडर दे सकते थे। प्रशासन को यह सड़क बनवानी चाहिए।
सड़क की समस्या के बारे में आज तक मुझे किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। लेकिन, अब मुझे पता चल गया है तो जल्द ही हम इसे नई योजना में रखेंगे। संभावना है कि जल्द इस समस्या से लोगों को निजात मिल पाएगी।
- रफाद मसूद, एईई, लोक निर्माण विभाग