कैदियों के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा,
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की जेलों की स्थिति में सुधार की दिशा में काम किया जाएगा। इसमें जेलों में मौजूदा ढांचा और कैदियों को रखने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। माडल कारागार मैनुअल 2016 के तहत जिला स्तर पर जरूरत के मुताबिक और जेलों के निर्माण पर काम किया जाएगा। जेलों में कैदियों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय भारत में 1382 जेलों में अमानवीय स्थितियों पर एक याचिका पर दिए आदेश के तहत यूटी प्रशासन ने जिला स्तरीय पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इसमें प्रधान/जिला न्यायाधीश (चेयरपर्सन जिला लीगल सर्विस अथारिटी) को चेयरपर्सन, सचिव जिला लीगल सर्विस अथारिटी को संयोजक बनाया गया है। समिति के सदस्यों में जिला मजिस्ट्रेट संबंधित, एसएसपी, एसपी और जेल अधीक्षक को सदस्य बनाया गया है। ये समितियां जेलों में कैदियों के लिए कृत्रिम इंटेलिजेंसी और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुलाकात व टेलीमेडिसिन सुविधाओं को सुनिश्चित बनाएंगी। जिला स्तर पर जेलों की क्षमता को बढ़ाने के लिए नए जेलों के निर्माण को भूमि की शिनाख्त की जाएगी। इसमें कैदियों की संख्या के मुताबिक भविष्य की योजना पर काम किया जाएगा। इसके साथ चालू परियोजनाओं और प्रस्तावों की निगरानी व फास्टट्रैक मोड के तहत काम करवाने पर काम किया जाएगा। आगामी पचास साल के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सिफारिशों पर काम किया जाएगा।