- मुख्य सचिव ने प्रोजेक्टों को तय समय में पूरा करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में 1810 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर विभिन्न घटकों के तहत 213 उप परियोजनाएं शुरू की गईं हैं। इनमें से 1363 करोड़ रुपये की लागत से 186 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। यह बात मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित झेलम और तवी बाढ़ रिकवरी परियोजना (जेटीएफआरपी) की गति व प्रगति की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने लगभग 140 करोड़ रुपये की बचत राशि के लिए एक मजबूत योजना बनाने और तय समय में प्रोजेक्टों को पूरा करने का निर्देश दिया।
बताया गया कि प्रमुख घटकों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण (40 परियोजनाएं), सड़कों और पुलों का पुनर्निर्माण (31 परियोजनाएं), शहरी बाढ़ प्रबंधन बुनियादी ढांचे की बहाली (13 परियोजनाएं), आजीविका की बहाली और सुदृढ़ीकरण (26 परियोजनाएं) शामिल हैं। आपदा जोखिम प्रबंधन क्षमता (22 परियोजनाएं) और आकस्मिक आपातकालीन प्रतिक्रिया (74 परियोजनाएं) पर काम चल रहा है। बैठक में मुख्य सचिव ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और आजीविका सृजन में बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए कुछ महत्वपूर्ण कार्यों पर विचार करने का निर्देश दिया। इस बचत को समयबद्ध तरीके से सकारात्मक विकासात्मक मोर्चे पर खर्च किया जा सके। उन्होंने उन कार्यों की पहचान करने के लिए कहा जो महत्वपूर्ण और सबसे आपातकालीन प्रकृति के हैं। जिन्हें शीघ्र ही शुरू करने और इस साल दिसंबर से पहले पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसी परियोजनाओं की व्यवहार्यता का पहले से आकलन करने और आगामी कार्य सत्र की शुरुआत के भीतर उन्हें जमीन पर उतारने के लिए तदनुसार उपाय करने का निर्देश दिया। डुल्लू ने अपनी क्षमताओं में वृद्धि और भविष्य में आपदा प्रबंधन को कम करने के संबंध में उनकी तत्काल जरूरतों का पता लगाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच परामर्श आयोजित करने पर भी जोर दिया।