श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने की पहल बदलाव की ओर अग्रसर कश्मीर घाटी, लाल चौक देर रात तक पर्यटकों से रहता है गुलजार
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर घाटी बदलाव की आेर अग्रसर है। अब यहां 90 का दौर खत्म हो चुका है आैर बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर घूमने आ रहे हैं। श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर भी देर रात तक स्थानीय लोगों और सैलानियों की आवाजाही रहती है।
इस बदलाव को कायम रखने और स्मार्ट सिटी में सैलानियों व राहगीरों की राह आसान करने के लिए श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (एसएससीएल) ने एक पहल की है। शहर भर की सड़कों पर पहली बार हिंदी में सांकेतिक बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में इन साकेंतिक बोर्ड की मदद से आसानी हो सके। प्रदेश सरकार ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एसएससीएल को श्रीनगर शहर के विकास और सौंदर्यीकरण का जिम्मा सौंपा है। इस कड़ी में कंपनी ने अनूठी पहल करते हुए साइन बोर्ड उर्दू आैर अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी प्रकाशित किए हैं। इन पर पहली बार हिंदी भाषा का प्रयोग किया गया है, जिससे देश-विदेश से जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में घूमने आने वाले सैलानियों और राहगीरों को आसानी होगी। शहर की सड़कों पर लगाए गए इन सांकेतिक बोर्ड की मदद से वे आसानी से पर्यटन स्थलों और अन्य स्थानों पर पहुंच सकते हैं।
कई सूचना पट्ट पर नाम गलत अधिकारी बोले - सुधार करेंगे
हालांकि श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से लगाए गए अधिकतर साकेंतिक बोर्ड पर लिखे गए नामों में त्रुटियां है, जिन्हें सुधारने की जरूरत है। उदाहरण के तौर पर छानापोरा को चनापोरा लिखा गया है, नौहट्टा को नौहाटा, सोवरा को सौरा, नटिपोरा को नाटिपोरा और सैदा कदल को सैदा कादल लिखा गया है। यह दर्शाता
है कि जिसने भी इन साइन बोर्डों की प्रिंटिंग करवाई है वह कितनी लापरवाही से की गई है और लगवाने से पहले एसएससीएल के अधिकारियों ने भी इसे ठीक से चेक नहीं किया। हालांकि इनमें से कई स्पेलिंग बाकी जगहों पर ठीक हैं। यह समस्या एसएससीएल के अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद उन्होंने आवश्यक सुधार करने का आश्वासन दिया है। यह मामला आपूर्तिकर्ता के समक्ष उठाया गया है।