- दिल्ली एम्स के प्रशिक्षित स्टाफ को प्रतिनियुक्ति पर एम्स विजयपुर में भेजने की सिफारिश
- रोजाना 2000 से 3000 मरीजों के पहुंचने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन के दो महीने बाद मई में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) विजयपुर में ओपीडी सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। ओपीडी का जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के साथ पठानकोट के लोगों को बेसब्री से इंतजार है। एम्स में संकाय सदस्यों और नर्सिंग स्टाफ को शिफ्ट किया गया है।
ओपीडी की विभिन्न स्पेशियलिटी यूनिटों में रोजाना 2000 से 3000 मरीजों के पहुंचने की उम्मीद है। इसी संख्या को ध्यान में रखते हुए सारी तैयारी की जा रही है। पहले चरण में 183 संकाय (फैकल्टी) पद सृजित किए गए हैं, जिसमें 85 पर स्टाफ की नियुक्ति कर ली गई है और बाकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। 800 नर्सिंग पदों में से 520 की नियुक्ति कर ली गई है। इन नर्सिंग स्टाफ को दिल्ली एम्स में छह माह का प्रशिक्षण दिया गया है। इसी तरह पैरा मेडिकल के 88 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसमें विभिन्न तरह के तकनीशियन और दूसरा चिकित्सा स्टाफ शामिल है। एम्स में अत्याधुनिक उपकरणों को शुरू में चलाने के लिए दिल्ली एम्स प्रशासन से वरिष्ठ प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ को तीन माह की प्रतिनियुक्ति पर एम्स विजयपुर में भेजने के लिए कहा गया है, ताकि शुरुआत में किसी तरह की परेशानी न आए। एम्स में तीन चरण में 2200 बिस्तर स्थापित किए जाने है जो दिल्ली एम्स के बाद सबसे अधिक बिस्तर होंगे।
पर्याप्त और प्रशिक्षित स्टाफ
उपलब्ध न होने से हो रही देरी
19 फरवरी को पीएम मोदी ने जम्मू से एम्स विजयपुर सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों का ई-उद्घाटन किया था, लेकिन पर्याप्त और प्रशिक्षित स्टाफ की अनुपलब्धता के कारण ओपीडी सेवा को शुरू करने में देरी हो रही है। एम्स में 42 भवनों का निर्माण किया गया है। पहले चरण में 750 बिस्तर स्थापित करने का प्रावधान है, लेकिन स्टाफ की उपलब्धता के हिसाब से बिस्तरों का विस्तार किया जाएगा।
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एम्स विजयपुर में आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) शुरू करने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। जरूरी चिकित्सा स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है और उम्मीद है कि मई में ओपीडी सेवा को शुरू कर दिया जाएगा।
- डाॅ. शक्ति गुप्ता, निदेशक, एम्स विजयपुर