फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: प्रदेश के सभी विवि व कॉलेजों में डिजाइन योर डिग्री अपनाने पर जोर

विज्ञापन
ई जम्मू-कश्मीर उच्च शिक्षा परिषद की बैठक में मौजूद अ​धिकारी
विज्ञापन
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजाइन योर डिग्री शुरू करने के लिए अंतर-संस्थागत समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। इसमें सभी शैक्षणिक संस्थानों के दो प्रतिनिधि होंगे जो डिजाइन योर डिग्री के नवीन पहलुओं पर ध्यान देने के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति पहल के कार्यान्वयन पर चर्चा और समन्वय करने के लिए मासिक बैठकें करेंगे। ये प्रस्ताव बुधवार को हुई जम्मू-कश्मीर उच्च शिक्षा परिषद की बैठक में लिया गया।
विज्ञापन

उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक हई। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन व इसके उद्देश्यों के साथ सहजता से तालमेल बिठाते डिज़ाइन योर डिग्री कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह पहल समग्र शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक के साथ अकादमिक नवाचारों को बढ़ावा देता है। चार-वर्षीय कोर्स में छात्रों को विभिन्न शैक्षिक मार्गों का पता लगाने व व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है। बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अपने-अपने संस्थानों में डिजाइन योर डिग्री की प्रगति के संबंध में बताया। बैठक में प्रधान सचिव उच्च शिक्षा विभाग आलोक कुमार, प्रोफेसर उमेश राय, कुलपति जम्मू विश्वविद्यालय, प्रोफेसर नीलोफर खान, कुलपति कश्मीर विश्वविद्यालय, प्रोफेसर शकील अहमद रोमशू, वीसी आईयूएसटी, प्रोफेसर अकबर मसूद, कुलपति, बीजीएसबीयू , प्रो. प्रगति कुमार, कुलपति एसएमवीडीयू, प्रो. कवि आर्य, आईआईटी मुंबई व अन्य कॉलेजों के प्रिंसिपल मौजूद रहे।


चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से गतिविधि होगी आयोजित
डिज़ाइन योर डिग्री कार्यक्रम के प्रति अभिभावकों, छात्रों व उच्च शिक्षा संस्थानों के संकाय के बीच जागरूकता बढ़ाई जाएगी। साथ ही चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से गतिविधि आयोजित होगी। यह प्रदेश में शिक्षा के उभरते परिदृश्य पर चर्चा के साथ उसे प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा। विशेष रूप से डिज़ाइन योर डिग्री जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हितधारक शामिल होंगे। इस तरह गतिविधि का उद्देश्य सामाजिक-आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में शिक्षा की भूमिका को उजागर करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें