सिंचाई विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन, बोले- नहर में कई दशकों से नहीं आया पानी
संवाद न्यूज एजेंसी संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। सुचेतगढ़ क्षेत्र के गांव सई कला भूरे जाल में नहर किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने गई सिंचाई विभाग की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना था कि सिंचाई विभाग की ओर से अतिक्रमण के नाम पर परेशान किया जा रहा है, जबकि अन्य क्षेत्रों में नहर के अतिक्रमण पर सिंचाई विभाग का कोई ध्यान नहीं है।
लोगों के गुस्से को देखते हुए सिंचाई विभाग की टीम अतिक्रमण हटाए बिना ही वापस लौटना पड़ा। पूर्व सरपंच विजय चौधरी, पूर्व नायब सरपंच बलवीर सिंह सहित अन्य प्रतिनिधियों की मौजूदगी ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बनी माईनर नहर में पिछले कई दशकों से पानी तक नहीं आया है और गांव में रहने वाले एक व्यक्ति की ओर से जहां पर गेहूं खरीद केंद्र खोला है उसे सिंचाई विभाग ने हटाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि अगर सिंचाई विभाग को कार्रवाई करनी है तो ऐसे स्थानों पर भी कार्रवाई करने की जरूरत है, जिन्होंने गैरकानूनी तरीके के साथ नहर किनारे अतिक्रमण किया है। उन्होंने कहा कि अगर अतिक्रमण हटाने का जबरन प्रयास किया तो इसके परिणाम काफी गंभीर होंगे। वहां मौजूद ग्रामीणों का कहना था कि सिंचाई विभाग की तरफ से ना तो इस नहर में सफाई की जाती है और न ही इसमें पानी छोड़ा जाता है। अगर किसी व्यक्ति ने जहां पर काम खोला है तो उसे अतिक्रमण के नाम पर राजनीतिक रंजिश के चलते परेशान किया जा रहा है।
गांव के बूटा सिंह, दर्शन लाल, सुभाष चौधरी आदि का कहना है कि सरकार की ओर से जम्मू शहर में अतिक्रमण हटाए जाने की मुहिम चलाई थी और लोगों की तरफ से प्रदर्शन करने पर इसे सरकार की ओर से रद्द किया गया था। अब सीमांत गांव में माइनर नहर पर अतिक्रमण हटाए जाने की मुहिम चलाई जा रही है। इससे पता चलता है कि किसी के दबाव में कार्रवाई की जा रही है, जिसे बर्दाशत नहीं किया जाएगा।
मेरे पास शिकायत आई थी कि कुछ लोगों ने माइनर नहर किनारे अतिक्रमण किया है। इस कारण टीम अतिक्रमण को हटाने पहुंची है। मगर ग्रामीणों ने जेसीबी लेकर पहुंची टीम का पुलिस की मौजूदगी में विरोध किया।
निधि, एईई सिंचाई विभाग