अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जीएमसी जम्मू और एसोसिएटेड अस्पतालों में मानक संचालन प्रक्रिया (स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी)) को लागू किया गया है। इसमें ओपीडी और इमरजेंसी में डेंगू के संदिग्ध और गंभीर मामलों को देखा जाएगा। अब तक प्रदेश में डेंगू के 20 मामले मिल चुके हैं। इसमें जम्मू जिले के 12 मामले हैं। इसके अलावा उधमपुर-कठुआ से 1-1, पुंछ से 2 और कश्मीर से 3 मामले शामिल हैं।
जीएमसी की मेडिसिन ओपीडी में व्यस्क मरीजों के डेंगू के संदिग्ध मामलों को देखा जाएगा। ओपीडी के बाद से अगले दिन सुबह 10 बजे तक ऐसे मामलों को जीएमसी की इमरजेंसी में देखा जाएगा। इसी तरह एसएमजीएस अस्पताल की बाल ओपीडी में डेंगू के बाल रोगियों को देखा जाएगा। ओपीडी के बाद ऐसे मामलों को वार्ड 18 इमरजेंसी में देखा जाएगा। संदिग्ध मामलों में पीड़ित के सैंपल जीएमसी ओपीडी में सुबह 10 से शाम 4.30 बजे तक लिए जाएंगे। यहां डेंगू और सामान्य संग्रह केंद्र स्थापित किया गया है। इसी तरह ऑब्जर्वेशन केबिन इमरजेंसी जीएमसी में शाम 4.30 से अगले दिन सुबह 10 बजे तक सैंपल लिए जाएंगे। डेंगू की सभी रिपोर्ट डेंगू केंद्र ऑब्जर्वेशन केबिन, इमरजेंसी में उपलब्ध होंगी। इसी तरह ओपीडी बाल खून संग्रह को केंद्रीकृत संग्रह लेबोरेटरी एसएमजीएस अस्पताल में सुबह 10 से शाम 4.30 और बाद में शाम 4.30 से बेड साइड पर सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल परीक्षण प्रक्रिया में डेंगू एनएस1 और आईजीएम एलिजा परीक्षण माइक्रोबायोलाॅजी विभाग, सीबीसी काउंट पैथोलाॅजी विभाग और संबंधित लेबोरेटरी एचओडी फाइनल रिपोर्ट को संबंधित व्हाट्स एप ग्रुप पर जारी करेंगे।
सामान्य मरीजों को जीएमसी के लेवल 2 पर वार्ड तीन में भर्ती किया जाएगा। वहीं, गंभीर मरीजों को नए इमरजेंसी वार्ड के पहले फ्लोर पर वार्ड 2 में भर्ती किया जाएगा। इसी तरह सामान्य बाल रोगियों को एसएमजीएस अस्पताल के पहले फ्लोर पर वार्ड 19 और गंभीर मरीजों को अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर पीकू यूनिट में भर्ती किया जाएगा। फिलहाल डेंगू को लेकर अभी घबराने की जरूरत नहीं है।