अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बरसात के साथ ही शहर के नए इलाकों में डेंगू तेजी से पांव पवार रहा है। प्रदेश में अब तक कुल मामलों में 74 प्रतिशत जम्मू जिले से हैं। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के दावों के बावजूद मच्छरों को पनपने से रोकने में पूरी तरह से सफलता नहीं मिल पाई। विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर में डेंगू के पीक पर जाने की आशंका है। इस बीच प्रदेश में सोमवार को डेंगू के 30 मामले आए, जिसमें जम्मू से 23 हैं। जम्मू में कुल मामले 186 हो गए, जबकि जम्मू कश्मीर में 251 मामले मिल चुके हैं। चिनैनी की महिला की जीएमसी जम्मू में मौत हो चुकी है।
तालाब तिल्लो, छन्नी हिम्मत, प्रीत नगर, बन तालाब, न्यू प्लॉट आदि नए क्षेत्रों में डेंगू के मामले मिल रहे हैं। शहर के लगभग हिस्सों में लारवा की मौजूदगी ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अस्पतालों में संदिग्ध बुखार के मरीजों का पहुंचना जारी है। बच्चों के साथ हर आयु वर्ग के लोग पीड़ित हो रहे हैं। जीएमसी जम्मू के अलावा प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में डेंगू मरीजों के लिए समर्पित बिस्तर स्थापित किए हैं। यहां कई मरीजों का इलाज चल रहा है। इसी तरह गांधीनगर अस्पताल में भी डेंगू के मरीज भर्ती हो रहे हैं। तीनों अस्पतालों में प्लेटलेट्स की सुविधा उपलब्ध है। नरवाल यार्ड, वेयर हाउस, एसआरटीसी यार्ड आदि डेंगू के लिए संवेदनशील हैं। इन इलाकों में विभिन्न स्रोतों में पानी खड़ा रहता है।