अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डेंगू जानलेवा हो रहा है। जीएमसी जम्मू में 20 बाद दिन उधमपुर के एक और मरीज की मौत हो गई। वार्ड-21 के दंदियाल मोहल्ला के 36 वर्षीय व्यक्ति की जांच में मरने का कारण डेंगू पाया गया। परिवार का आरोप है कि दो अस्पतालों के चक्कर काटने पर भी उचित उपचार नहीं मिला, जिससे मरीज की मौत हुई। इससे पहले जीएमसी में ही चिनैनी (उधमपुर) की महिला की डेंगू से मौत हुई थी। जीएमसी जम्मू सहित एसोसिएटेड और स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में डेंगू लक्षण के मरीजों का भर्ती होना जारी है। इस बीच मंगलवार को प्रदेश में 42 मामले मिले।
तीमारदार मोहम्मद इरशाद ने बताया कि भाई मोहम्मद सलीम को तीन दिन जिला अस्पताल उधमपुर में भर्ती रखने के बाद शनिवार को जीएमसी ले आए। उनका आरोप है कि उधमपुर अस्पताल में डेंगू रिपोर्ट तक नहीं दी गई। तब निजी जांच में प्लेटलेट 48 हजार रह गए थे और जीएमसी पहुंचने तक 20 हजार बच गए। भाई के पेट और छाती में पानी भर गया था। जीएमसी में भी प्लेटलेट चढ़ाने के लिए बोलते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी और रविवार तड़के मोहम्मद सलीम ने दम तोड़ दिया। वह अपने पीछे दो छोटी बेटियां छोड़ गए।
उनका आरोप है कि डेंगू से मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से मोहल्ले में कोई नहीं आया। आशंका है कि और लोग भी डेंगू से प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, जम्मू में 33 नए केस मिले, जिससे आंकड़ा 1268 पहुंच गया। कठुआ और अन्य जगहों पर 4-4 मामले आए। उधमपुर में अब तक 80 मामले मिल चुके हैं। प्रदेश में कुल संख्या 1742 पहुंच गई है। जीएमसी के इमरजेंसी वार्ड 2 में 32 और मुख्य वार्ड 3 में 40 बिस्तर मरीजों को समर्पित किए गए हैं।
प्रोटोकाल के तहत उठाए जाएंगे कदम
सीएमओ उधमपुर डॉ. अनिल मन्हास ने बताया, अनाधिकारिक तौर पर पता चला है कि उधमपुर के एक मरीज की डेंगू से मौत हुई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। यह जांच का विषय है कि वह डेंगू पॉजिटिव कहां हुआ। इसके बाद प्रोटोकॉल के तहत मच्छरों के सफाए के लिए मृतक के घर के आसपास के क्षेत्र में अभियान चलाया जाएगा।