संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। मानसबल के शिकारा संचालकों ने नावों की मरम्मत और निर्माण के लिए सरकार से लड़की देने की मांग की है। नाविकों के अनुसार, केवल देवदार की लकड़ी ही इन कार्यों के लिए उपयुक्त है। सहायता के लिए सरकार से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या नहीं सुनी जा रही। नाविक अब्दुल कयूम डार ने कहा, सरकार से नाव की मरम्मत के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, क्योंकि हमारी आजीविका प्रभावित हो रही है। वर्तमान में झील में 80 शिकारा चल रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक को अलग-अलग स्तर के रखरखाव की जरूरी है। नाविक बशीर बाबा ने कहा, हम पर्यटकों के आगमन का बेसब्री से इंतजार करते हैं और अपने बेड़े का विस्तार करके हम इस पेशे को आगे बढ़ा सकते हैं, लेकिन इसके लिए सरकार से मदद की जरूरत है। स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए मानसबल विकास प्राधिकरण के कार्यकारी अधिकारी गुलाम मोहम्मद भट ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा, नाविकों को देवदार की लकड़ी की आवश्यकता को समझते हुए इस मामले को प्रभागीय वन अधिकारी के समक्ष उठाया है। प्रक्रिया शुरू हो गई है और उम्मीद है कि एक महीने के भीतर लकड़ी उपलब्ध हो जाएगी।