अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक महासंघ की प्रदेश इकाई की बैठक हुई, कई मुद्दों पर मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग में 11 साल से स्कूल शिक्षा विभाग टीचर से मास्टर ग्रेड के लिए डीपीसी नहीं कर पाया है। 2014 के बाद से डीपीसी नहीं हुई, क्योंकि स्कूल शिक्षा निदेशालय मास्टर के रूप में पदोन्नति के लिए शिक्षकों की वरिष्ठता तय करने के मानदंड तय नहीं कर पाया है। 1300 शिक्षकों की डीपीसी सूची तैयारी की गई है, लेकिन जारी नहीं हो पा रही। यह मुद्दा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक महासंघ जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष रतन शर्मा ने रविवार को एक बैठक में उठाया।
कहा कि स्कूल शिक्षा निदेशालय ने डीपीसी को लेकर कई आश्वासन दिए, लेकिन कोई पहल नहीं की। कश्मीर संभाग में डीपीसी हुई, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग जम्मू में इसे लेकर देरी कर रहा है। कुछ वर्षों से विभाग द्वारा बार-बार डीपीसी को लेकर अभ्यास तो किया गया, लेकिन ठोस समाधान नहीं निकाल पाया। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों से झूठे वादे किए। इसे शिक्षकों के करियर विकास में बाधा डाली जा रही है। बैठक में गुलशन रैना (राज्य महासचिव), सत्य भूषण, पवन शर्मा, संजीव दत्ता, अरुणा, गुरदीप, राकेश आदि मौजूद रहे।
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एटीडी-2024 होगी या नहीं, स्पष्ट करे विभाग
बैठक में स्थानांतरण नीति के तहत एटीडी-2024 पर चर्चा हुई। इसमें कहा गया कि स्थानांतरण नीति के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से शिक्षकों का स्थानांतरण होगा। पिछले साल इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। विभाग ने इस वर्ष एटीडी-2024 शुरू नहीं किया है, जिससे शिक्षक दुविधा में हैं। विभाग एटीडी-2024 शुरू करेगा या नहीं, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। क्योंकि कई शिक्षक पांच साल का सेवाकाल पूरा करने के बाद भी दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। एटीडी-2023 के तहत स्थानांतरण पर विचार नहीं किया गया। बैठक में प्रशासनिक विभाग की ओर से सेवाकालीन शिक्षकों द्वारा उच्च योग्यता प्राप्त करने के संबंध में एक आदेश पर चर्चा हुई। इसमें विभाग ने संबंधित सीईओ से शिक्षकों की सूची तैयार करने के लिए कहा है।