जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में आंगनबाड़ी वर्करों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। रविवार को परेड में बैठक के दौरान आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश प्रधान स्वर्णा चौधरी ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। बैठक में जम्मू, कठुआ, उधमपुर, सांबा और राजोरी जिले से आंगनबाड़ी यूनियन की ब्लॉक प्रधान भी उपस्थित हुईं। आंगनबाड़ी वर्करों ने आरोप लगाया कि बीते एक साल से उन्हें वेतन और भत्ता नहीं दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर नियमित ड्यूटी दे रही हैं, कोरोना काल के दौरान भी वह सेवाएं देती रहीं। बावजूद इसके उन्हें मेहनताना नहीं दिया गया। उन्हें प्रतिमाह 5100 रुपये वेतन दिया जाता है, जो समय पर जारी नहीं किया जाता। यूनियन ने मांग की कि उन्हें आशा वर्करों की तर्ज पर सरकार मेहनताना दे। आंगनबाड़ी वर्करों का न्यूनतम वेतन 18000 रुपये किया जाए। हैल्पर को 9000 रुपये पगार दी जाए। यूनियन ने चेतावनी दी कि जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 15 फरवरी को डोगरा चौक पर धरना दिया जाएगा। बैठक की यूनियन की सचिव नीलम शर्मा, सीमा शर्मा, पोली, सुनीता भी मौजूद रहीं।