लेह में दलाई लामा ने कहा कि मुझे लगता है कि मैं लगभग 110 वर्ष तक जीवित रह सकता हूं। कहा कि हिमालय क्षेत्र के लोगों का मुझ पर अटूट विश्वास है। दुनिया भर के लोगों ने चाहे वे बौद्ध हों या नहीं, मैंने जो किया है उसके लिए प्रशंसा करते हैं।
तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा आवास से बाहर निकले तो स्कूली बच्चों से परिसर में बातचीत की। इस दौरान भीड़ की ओर हाथ हिलाने लगे और परिसर में स्थापित बुद्ध की प्रतिमा के सामने सिर झुकाकर सम्मान व्यक्त किया। शेवात्सेल में लगभग 50 हजार लोगों ने उनकी लंबी आयु के लिए प्रार्थना की।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों की भीड़ को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आप लोग मेरी लंबी उम्र के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। कहा कि जब शिष्यों और लामा के बीच विश्वास और आध्यात्मिक बंधन अटूट होते हैं तो ऐसी शुभ स्थिति बन जाती हैं, जो लामा को लंबे समय तक जीवित रहने में योगदान देते हैं।
कहा कि मुझे लगता है कि मैं लगभग 110 वर्ष तक जीवित रह सकता हूं। कहा कि हिमालय क्षेत्र के लोगों का मुझ पर अटूट विश्वास है। दुनिया भर के लोगों ने चाहे वे बौद्ध हों या नहीं, मैंने जो किया है उसके लिए प्रशंसा करते हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर कार्यक्रम आयोजक लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन और लद्दाख गोनपा एसोसिएशन ने विशेष रूप से धर्म गुरु के लंबे समय तक जीवित रहने की प्रार्थना की। इसके बाद एक बुद्ध प्रतिमा एक धर्मग्रंथ और एक चोर्टेन, वस्त्रों का एक सेट, फलों से भरा भिक्षा कटोरा और एक भिक्षु की छड़ी की भेंट की।