कोविड 19 में राहत के नाम पर बढ़ा साइबर अपराध 30 दिन में ही 80 शिकायतें पहुंच गई साइबर पुलिस के पास, दान करने के नाम पर बनी फर्जी संस्थाएं अजय मीनिया जम्मू। कोरोना वायरस से जूझ रहे लोगों को यहां हर कोई राहत देने की कोशिश कर रहा है। वहीं इसकी आढ़ में धोखाधड़ी भी बढ़ गई है। लोगों को कई तरह की राहत देने के लिए आनलाइन खरीद के नाम पर चूना लगाया जा रहा है। लॉकडाउन की अवधि के एक महीने के दौरान ही ऐसे मामलों की शिकायतों में तीन गुणा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साइबर पुलिस की नाक में ऐसी शिकायतों ने दम करके रखा है। जानकारी के अनुसार जम्मू साइबर पुलिस के पास पिछले 30 दिन में 80 शिकायतें आई हैं। किराना और दवाइयों की आनलाइन डिलीवरी से लेकर लोन माफी तक के मामले सामने आए हैं। धोखाधड़ी के साथ हैकर भी सक्रिय हैं। जो लोगों के बैंक खातों की जानकारी लेकर उनके खातों से पैसे उड़ा रहे हैं। दान के नाम पर फर्जी खाते साइबर पुलिस के संगान में आया है कि बहुत से लोगों ने कोविड 19 में दान को लेकर फर्जी खाते तैयार कर ले हैं। यह लोग इन अकाउंट के माध्यम से लोगों से पैसे एंठ रहे हैं। यहां तक कि फर्जी खातों के अलावा फर्जी संगठन का नाम बनाया गया है। फर्जी संस्थाएं बना ली गई हैं। यह लोग अपने अकाउंट पर लोगों से पैसे लेते हैं और कहते हैं कि इन पैसों से गरीब लोगों की मदद की जा रही है। ईएमआई और आयकर से बचने के फर्जी एप साइबर पुलिस के पास पहुंची शिकायतों में यह भी खुलासा हुआ है कि फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन बनाई गई हैं। इन एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। लोगों को कहा जाता है कि इसके माध्यम से उनकी ईएमआई और आयकर माफ हो जाएगा। यहीं से लोगों के बैंक खातों की जानकारी लेते हैं और फिर उनके अकाउंट से पैसे उड़ा लेते हैं। लोग इससे सतर्क रहें इस समय पूरा महकमा कोविड 19 को लेकर व्यस्त है। लेकिन हैकर और धोखाधड़ी करने वाले सक्रिय हो गए हैं। हमारे पास पिछले 30 दिन में 80 शिकायतें पहुंच गई हैं। लोगों को चाहिए कि वह इससे बचें। कोविड 19 के नाम पर कोई दान मांगे या फिर ईएमआई, आयकर माफ करने की बात कहे तो उसके साथ कोई भी अपने बैंक खाते की जानकारी सांझा न करें। इस समय अलर्ट रहना होगा। तभी आपके पैसे बच सकते हैं। संदीप मेहता, इंचार्ज साइबर पुलिस, जम्मू