सांबा। केंद्र एवं जम्मू-कश्मीर प्रशासन और वन विभाग पर्यावरण को सुरक्षित रखने के बड़े-बड़े दावे करते हैं। बरसात के दिनों में सैकड़ों पौधे लगाने व उनकी देख भाल करने के लिए कहा जाता है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग सांबा के विभिन्न पहाड़ी इलाकों में अवैध रूप से खैर के पेड़ों को काटने में लगे हुए हैं, लेकिन विभाग उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में विफल रहा है।
स्थानीय निवासी राम गोपाल, सोहन सिंह, वरियाम सिंह, मोहन सिंह आदि ने कहा कि सांबा के विभिन्न पहाड़ी इलाकों में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है, लेकिन विभाग इस मामले में पूरी तरह से सोया हुआ है। विभाग इस खैर के पेड़ों की अवैध कटाई के बारे में बेहतर जानता है और यह भी जानता है की खैर के पेड़ कहां काटे जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। दिन के समय जंगल में खैर के पेड़ मशीनों द्वारा काटे जा रहे हैं और शाम ढलते ही पेड़ों के छोटे-छोटे टुकड़े करके गाड़ियों में लोड कर टिंबर माफिया अपने ठिकाने पर पहुंचाते हैं। रात को खैर से भरी गाड़ियां बिना किसी डर के वन विभाग की चौकियां पार करते हैं, लेकिन विभाग की तरफ से उन गाड़ियों को रोक कर जांच नहीं की जाती है, क्योंकि यह सब विभाग के अधिकारियों को मिलीभगत से चल रहा है।
कोट
हमारे पास ऐसी कोई भी शिकायत नही आई है, जो भी अवैध खैर के पेड़ों को काटने में शामिल होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका स्टाफ दिन रात अपनी ड्यूटी इमानदारी से दे रहा है। जांच चौकियों पर भी जांच की जा रही है।
-नीरज बारू, रेंज वन अधिकारी सांबा