किश्तवाड़ में कर्फ्यू के बाद का नजारा
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चिनाब घाटी के दोनों संवेदनशील जिलों डोडा और किश्तवाड़ में लगातार दूसरे दिन सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा रहा। भद्रवाह समेत पूरे डोडा जिले में पाबंदियों को पहले से भी सख्त कर दिया गया। भाजपा की पूर्व नेता नूपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी के कारण भद्रवाह में वीरवार को दो समुदाय आमने-सामने हो गए थे।
दुकानें खुलने के साथ सामान्य आवाजाही
धीरे-धीरे यह तनाव आसपास भी फैल गया। इसे देखते हुए कर्फ्यू की घोषणा करनी पड़ी थी। शुक्रवार को कर्फ्यू लागू करने के बावजूद सड़कें सील की गई थीं, जबकि गलियों में दुकानें खुलने के साथ सामान्य आवाजाही चल रही थी। शनिवार को गलियां भी सील कर दी गईं।
लोगाें को घराें से बाहर निकलने की अनुमति भी नहीं
सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाए गए हैं। लोगाें को घराें से बाहर निकलने की अनुमति भी नहीं मिली। इस दौरान बाहर झांकने पर भी लोगों को द्वार बंद करने को कहा गया। इससे पूर्व शुक्रवार देर रात को पुलिस ने कर्फ्यू की मुनादी को कई बार दोहराया।
हालात को देखते हुए सुरक्षा को पहले से भी ज्यादा कड़ा
लोगाें को शनिवार को कुछ ढील मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हालात को देखते हुए सुरक्षा को पहले से भी ज्यादा कड़ा कर दिया गया। भद्रवाह और डोडा कस्बे में बाहरी इलाकों से वाहनों की आवाजाही भी नहीं होने दी गई।
पुलिस के वरिष्ठ अफसर स्थिति का जायजा लेते रहे
किश्तवाड़ में भी कर्फ्यू की पाबंदियां जारी रहीं, हालांकि शनिवार को इक्का-दुक्का लोगाें की आवाजाही होती रही। पुलिस के वरिष्ठ अफसर स्थिति का जायजा लेकर सुरक्षा की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, जिला प्रशासन भद्रवाह के हालात पर नजर बनाए हुए है।