विजयपुर। इस साल के आखिरी चंद्र ग्रहण पर लोगों ने मंगलवार को पूजा पाठ की। यह चंद्र ग्रहण शाम को प्रारंभ हुआ। हालांकि, इसका सूतक कुछ घंटे पहले ही लग गया। सूतक काल का समय सुबह 9.21 बजे प्रारंभ हुआ। सूतक काल के लगने का मतलब था कि इसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे और मंदिरों के कपाट ग्रहण के समापन तक बंद रहे। लोगों ने चंद्र ग्रहण के बाद स्नान और दान किया। घर, पूजा स्थान, मंदिरों की सफाई की। लोगों ने बताया कि ग्रहण लगने के बाद हम लोगों ने पूजा अर्चना की और गरीबों को दान किया। ऐसा करने से साल भर घर परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। संवाद
चंद्र ग्रहण पर लोगों ने आस्था व्यक्त की
अखनूर। साल के अंतिम चंद्र ग्रहण पर लोगों ने आस्था व्यक्त की। लोगों ने घरों में पूजा अर्चना की और भगवान का जाप किया। कई घरों में लोगों ने दान पुण्य करके दरिया और नहरों में स्नान किया। बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही। ममता देवी ने बताया कि साल के अंतिम चंद्र ग्रहण से परिवार के सदस्यों ने भगवान का जाप किया और दान किया। दुकानदार अजय कुमार ने बताया कि चंद्र ग्रहण से बाजार सूने रहे, लोगों की आवाजाही कम रही। संवाद