पल्ली पंचायत के स्कूल में बच्चों पढ़ाती शिक्षिका।
बाड़ी ब्राह्मणा। अप्रैल में पल्ली पंचायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा हुई। इसके तहत पंचायत में बहुत से विकास हुए। प्रधानमंत्री के दौरे के बाद गवर्नमेंट हाई स्कूल की दशा बिल्कुल बदल गई है। दौरे के दौरान स्कूल में टाइल रंगरोगन और टूटा फर्श ठीक करा दिया गया। दीवारों पर पेंटिंग, स्कूल में बिजली पानी और अन्य सुविधाओं को दुरुस्त कर दिया गया। स्कूल में काफी निखार आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद पल्ली गांव के लोगों ने अपना दायित्व निभाते हुए बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया है। सरपंच रणधीर शर्मा ने भी एक बच्चे का दाखिला इसी स्कूल में कराया है। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले स्कूल में बच्चों की संख्या 60 थी। नए सत्र में जैसे ही दाखिले हुए तो बच्चों की संख्या 112 हो गई है। स्कूल में किंडरगार्टन की सुविधा दी गई है, जिसमें प्री नर्सरी से पहली कक्षा तक के बच्चे पढ़ते हैं। किंडरगार्टन के अंदर स्कूल की सजावट देखते ही बनती है। बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त डेस्क और टेबल हैं। बच्चों के खेलने कूदने का सामान उपलब्ध कराया गया है। यहां तक कि छोटा बच्चा अगर पढ़ते-पढ़ते सोना चाहता है तो उसके लिए बिस्तर भी लगवाया गया है। बच्चों की देखभाल के लिए एक आया का बंदोबस्त किया गया है। बच्चों के लिए मिड डे मील की सुविधा है।
स्कूल में कंप्यूटर लैब नए सिरे से बनाया गया है। बच्चों को कंप्यूटर सिखाया जा रहा है। पर्याप्त संख्या में बच्चों का यूनिफार्म कोड लागू किया गया है। पंचायत के हाई स्कूल की सुविधा प्राइवेट स्कूलों के बराबरी पहुंच गई है, जिससे लोगों में भी उत्साह है। नई सेशन में उम्मीद बांधी जा रही है कि और भी दाखिले बड़ी मात्रा में किए जाएंगे। स्कूल में एनजीओ उनके कार्य कराने के लिए निरंतर समय पर स्कूल में जाती हैं, और किसी भी कमी के लिए प्रधानाचार्य से बातचीत करती हैं। हाल ही में स्कूल में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए एक एनजीओ ने प्रस्ताव रखा है। जल्द ही उसका काम भी शुरू करा दिया जाएगा।
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गवर्नमेंट हाई स्कूल पल्ली में हर किस्म की सुविधा उपलब्ध है। प्रधानमंत्री के दौरे के बाद स्कूल की दशा बदल गई है। बाहरी क्षेत्र से लोग भी स्कूल का मुआयना करने आते हैं। स्कूल को देखकर खुश होते हैं। उसके अलावा बड़ी खुशी की बात यह है कि 60 बच्चों से बढ़कर इस समय 112 बच्चे स्कूल में हैं। लोग बढ़-चढ़कर अपने बच्चों को दाखिला दिला रहे हैं।
-कल्पना बट्टी, प्रधानाचार्य