सांबा जम्मू-कश्मीर सरकार के श्रमिक विभाग की ओर से श्रमिकों की दिहाड़ी बढ़ाए जाने का विभिन्न श्रमिक यूनियन के नेताओं ने स्वागत किया है। श्रमिकों के लिए भी राहत भरी खबर है। क्योंकि बढ़ती महंगाई में आम लोगों के साथ श्रमिक भी काफी परेशान हैं। श्रमिकों की दिहाड़ी बढ़ने से उन्हें राहत मिलेगी।
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श्रमिक वर्ग परेशान था, दिहाड़ी कम होने से उन्हें परिजनों की गुजर बसर करनी मुश्किल हो गई थी। कम से कम उन्हें कुछ तो राहत मिली है।
-गंभीर सिंह संब्याल, लेबर यूनियन नेता, सांबा
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श्रमिकों की दिहाड़ी अभी भी कम है। उन्हें कम सेकम 600 रुपये दिहाड़ी दी जानी चाहिए। इस महंगाई के दौर में श्रमिकों की बढ़ाई गई दिहाड़ी कम है, इसे अधिक बढ़ाया जाए।
-भानू प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष, यूथ फेडरेशन, सांबा
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जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से श्रमिकों का मेहनताना बढ़ाए जाने का स्वागत है। इस से श्रमिक वर्ग को काफी राहत मिलेगी। सरकार का अच्छा कदम है।
-राजेश्वर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता, सांबा।
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महंगाई से हर वर्ग परेशान है, जबकि श्रमिक वर्ग काफी मायूस था, क्योंकि दिहाड़ी कम होने से उन्हें अपने परिवारों का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था। अब दिहाड़ी बढ़ाए जाने से कुछ तो उन्हें राहत मिलेगी।
-भारत इंदु शर्मा, पूर्व सरपंच, राजपुरा सांबा।
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श्रमिकों का पारिश्रमिक बढ़ाए जाने का स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने प्रदेश शासन की ओर से श्रमिकों के पारिश्रमिक में की गई बढ़ोतरी को बेहतर फैसला बताया। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी श्रमिकों को पहले ही 600 रुपये दिहाड़ी मिल रही है। सरकारी विभागों में कार्यरत श्रमिकों की अनदेखी हो रही थी।
महंगाई के इस दौर में इसमें पहले बढ़ोतरी करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से श्रमिकों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश का कहना है कि 5 वर्षों बाद श्रमिकों पारिश्रमिक मैं बढ़ोतरी की गई है। दिन-ब-दिन महंगाई में बढ़ोतरी हो रही। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महंगाई में बढ़ोतरी हो रही है उसी प्रकार ही सरकार को श्रमिकों का पारिश्रमिक बढ़ाया जाना चाहिए। ताकि गरीब वर्ग के लोगों की बेहतरी हो सके।