रामगढ़ में गित्था नृत्य की प्रस्तुति देतीं छात्राएं।
रामगढ़। क्षेत्र में महिला लोककथाओं को समर्पित तीयां दा मेला का पंजाबी सांस्कृतिक उत्सव मंगलवार को मनाया गया। इस कार्यक्त्रस्म के दौरान गित्था गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. संदीप कुमार, प्रो. रिशा कुमारी, प्राचार्य प्रो. मीरू अबरोल के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर प्रो. मीरू अबरोल ने आधुनिक दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में कुशल और मेहनती महिलाओं द्वारा प्राप्त अपार सफलता को पहचाना। उन्होंने क्षेत्र की लड़कियों की भी सराहना की जो सांस्कृतिक, खेल और शैक्षणिक क्षेत्रों में संस्थान के लिए आगे बढ़ रही हैं। पंजाबी संस्कृति में तीयां एक सम्मान जनक शब्द है। जो महिलाओं को मां, बेटी और बहू के रूप में सम्मान देता है। तीयां पंजाबियों का नृत्य उत्सव है, जो सावन माह में महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत सौन दा माहिना गीत के साथ हुई।
इसके बाद रघुनंदन, टीनूजा चौधरी, अंजलि डोगरा, अविनाश कौर, अमनप्रीत कौर, अनुज पंगोत्रा, संदीप कौर, मलकीत कौर, इंद्रजीत कौर, अदिति, शिवानी और अनुज पंगोत्रा, आर्यवंश ने गायन प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन वंशिका, शिवानी और आर्यवंश ने किया। पहला पुरस्कार मलकीत कौर, संदीप कौर और इंद्रजीत कौर ने हासिल किया। दूसरा पुरस्कार रघुनंदन ने और तीसरा पुरस्कार अविनाश कौर और अमनप्रीत कौर ने जीता। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वरिंदर कौर, डॉ. अंजलि बाला,मीनाक्षी शर्मा ने किया। स्टाफ सदस्यों के साथ-साथ छात्रों ने भी बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।