सांबा। नगर परिषद के अधीन आते मंडी ठलोरा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर कथा वाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म पापियों का संहार करने के लिए हुआ। श्रीमद्भागवत साक्षात भगवान का स्वरूप है। इसीलिए श्रद्धापूर्वक इसकी पूजा-अर्चना की जाती है। इसके पठन एवं श्रवण से भोग और मोक्ष दोनों सुलभ हो जाते हैं। मन की शुद्धि के लिए इससे बड़ा कोई साधन नहीं है। उन्होंने कहा सिंह की गर्जना सुनकर जैसे भेड़िए भाग जाते हैं, वैसे ही भागवत के पाठ से कलियुग के समस्त दोष नष्ट हो जाते हैं। इसके श्रवण मात्र से हरि हृदय में आ विराजते हैं। भागवत में कहा गया है कि बहुत से शास्त्र सुनने से क्या लाभ हैं। इससे तो व्यर्थ का भ्रम बढ़ता है। भोग और मुक्ति के लिए तो एकमात्र भागवत शास्त्र ही पर्याप्त है। संवाद