अरनिया। रघुनाथ आश्रम कूल कला में चल रहे पंच कुंडीय विष्णु यज्ञ और संत सम्मेलन में रविवार को यज्ञशाला में भगवान श्री कृष्ण और नव ग्रहों का पूजन हवन किया गया। संत जोगिंदर शास्त्री ने कथा की। उनके साथ सहयोगी संत के रूप में पीयूष शास्त्री मौजूद रहे। सम्मेलन में बाबा फरीद के प्रवचन सुनाएं गए। उनकी जीवनी को दर्शाते हुए संत जोगिंदर शास्त्री जी ने बताया कि बाबा फरीद कहते हैं कि बचपन से ही भगवान की भक्ति में लीन हो जाना पूरी जिंदगी को सफल बना देता है।
जोगिंदर शास्त्री ने बताया कि ध्रुव प्रह्लाद और बाबा फरीद पांच साल की आयु में भगवान के भक्त हो चुके थे। जब बाबा फरीद की माता ने उन्हें भगवान की भक्ति करने के लिए कहा, तो उन्होंने कहा कि भगवान खाने में क्या देंगे। उनकी माता ने कहा कि वह खाने में शक्कर देते हैं। शक्कर खाने की लालसा में बाबा फरीद ने भगवान की भक्ति शुरू कर दी। उनकी माता ने उनके आसन के नीचे शक्कर रखना शुरू कर दिया। एक दिन उनकी माता बाहर चली गईं और जब उनको याद आया कि उन्होंने आसन के नीचे शक्कर नहीं रखी है, वह घर पहुंची तो बाबा फरीद को शक्कर देने लगीं। उन्होंने कहा कि आज जो शक्कर उन्होंने खाई है, उसका स्वाद अति उत्तम है। माता को विश्वास हो गया कि उनका बेटा भगवान का भक्त बन गया है। भगवान ने भी उन्हें अपना लिया है। उसके बाद बाबा फरीद ने 12 साल तक भगवान की भक्ति की। यहां तक कि पक्षियों ने उनका शरीर नोचना शुरू कर दिया। जब उनकी आंखें नोचने लगे तो उन्होंने पक्षियों से विनती की कि अभी मुझे मेरे भगवान के दर्शन करने हैं। जब हो जाएं तो मैं अपने नयन भी तुम्हें खाने के लिए सौंप दूंगा। इससे पता चलता है कि माता का धर्म है कि वह अपने बेटे को किस ओर लगाना चाहती है।
पूर्णाहूति, रासलीला और लंगर के साथ अति महा विष्णु यज्ञ संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। पहाड़ी कस्बे सुंब के नृसिंह धाम में चल रहे 108 कुंडीय अति महा विष्णु यज्ञ रविवार को पूर्णाहुति, रासलीला और लंगर के साथ संपन्न हो गया। नए साल के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति, रासलीला और लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में रासलीला का आनंद लिया। महंत मनोज दास की देखरेख में आयोजित यज्ञ 11वें दिन संपूर्ण हुआ। यज्ञ के आखिरी दिन रासलीला में ब्रिज की श्रीकृष्ण होली आदि का वर्णन किया गया। लोगों ने इसका खूब आनंद लिया। यज्ञ कमेटी ने योगदान देने वाले प्रमुख लोगों को सम्मानित किया। यूथ फॉर सोसायटी के चेयरमैन राहुल संब्याल को उनकी सेवाओं को देखते हुए महंत मनोज दास, यज्ञ कमेटी और सरपंच सूरज प्रकाश वर्मा की तरफ से तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डीडीसी उपाध्यक्ष बलवान सिंह, सरपंच सूरज प्रकाश वर्मा, कुमार सिंह, मास्टर यशपाल, मास्टर बलविंदर को सम्मानित किया गया। संवाद
मनुष्य गलतियों का पुतला : सुरेश शास्त्री
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। खौड़ के गांव निक्कीआं मरचगीं में चल रहे श्री विराट विष्णु महायज्ञ में रविवार को सुरेश शात्री के प्रवचन सुनने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा वाचक सुरेश शास्त्री ने कृष्ण लीला सुनाई। कथावाचक ने कहा कि मनुष्य गलतियों का पुतला है। हम आप जीवन के पथिक हैं। हम आप एक व्यवस्था का पालन करते हैं। पूर्वजों ने हमें बहुत कुछ दिया है। प्रेम का प्रतीक, मर्यादा का प्रतीक आदि सब प्रतीक के रूप में है। कहीं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हैं तो कहीं लीला प्रधान श्रीकृष्ण हैं।
कथा वाचक ने कहा कि इसके पहले भी बहुत से महापुरुष हुए जो अपनी-अपनी लीला करके चले गए और आज भी बहुत से लोग हैं जो लीलाएं कर रहे हैं, लेकिन आपको वह इसलिए दिखाई नहीं देते, क्योंकि आपने उन आंखों को बंद कर रखा है। आप अपने अंदर छिपी उस पुण्यता को स्वीकार नहीं करते हैं। आप भ्रमित होकर यहां वहां पूछने जाते हैं। इसलिए आप कमजोर हो जाते हैं। यदि आपको अपनी साधना पर विश्वास है, आस्था है तो आपको रास्ता जरूर मिलेगा। यदि आप भटके हैं और प्रभु की खोज कर रहे हैं तो प्रकृति आपको कभी भी उस परमात्मा से नहीं मिलने देगी, क्योंकि आपके चले जाने से उसको खो जाने का डर है। प्रकृति सोचती है कि यदि सभी मनुष्य बुद्धिमान हो जाएं तो यह चंचलता नहीं रहेगी।