आरएस पुरा। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक विजयदशमी का पर्व उपजिले में हर्षोल्लास से मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम जाट सभा के मैदान पर आयोजित किया गया। जहां मेघनाद, कुंभकरण और रावण के पुतलों का दहन किया गया।
भगवान राम लक्ष्मण व हनुमान की सेना का मैदान पर पहुंचने पर लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। हनुमान की भूमिका में कलाकारों ने लंका में आग लगाए जाने के उपरांत राम व लक्ष्मण ने रावण का दहन किया। दशहरा कमेटी आरएस पुरा की ओर से दशहरे के साथ दंगल का भी आयोजन किया गया । इस दौरान भाजपा के राष्टीय सचिव डॉक्टर नरेंद्र सिंह सत्ता मुख्य अतिथि रहे, जबकि चौधरी अजीत राज, पूर्व मंत्री आरएस चिब, पूर्व मंत्री चौधरी गारू राम, पूर्व मंत्री मनजीत सिंह, भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी विक्रम रंधावा, बाजार कमेटी के प्रधान सचिन चोपड़ा, एसपी हेड क्वार्टर रमनीष गुप्ता विशेष अतिथि रहे। जिन्हें दशहरा कमेटी की ओर से सम्मानित किया गया। इस दौरान कई राजनीतिक पार्टियों के नेता व समाजसेवी संस्थाओं के लोग भी मौजूद थे।
ग्रामीण क्षेत्र में भी विजयदशमी का पर्व हर्षोल्लास से साथ मनाया गया। सीमावर्ती गांव चकरोई में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री तथा पार्टी के उपाध्यक्ष चौधरी श्याम लाल मुख्य तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने नवमी पर समस्त देशवासियों को मुबारकबाद दी और बुराई पर अच्छाई के प्रतीक दशहरे के पर्व पर लोगों को बधाई दी। इस मौके पर नगर पालिका चेयरमैन सत्यपाल पप्पी, सरपंच मनोहर लाल पूर्व सरपंच कुलदीप कुमार, रवि कुमार, पंच सतपाल मौजूद रहे। मीरां साहिब क्षेत्र के गाजीपुर कुलिया में दशहरा मनाया गया। इस दौरान डीडीसी आरएस पुरा मौजूद थे।
पुतला दहन से पूर्व निकाली शोभायात्रा
अखनूर। विजयदशमी पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। श्रीरामलीला क्लब अखनूर के अध्यक्ष बृजपाल मेहता की अगुवाई में शोभायात्रा निकाली गई। जो कामेश्वर मंदिर से शुरू हुई। यहां से शोभायात्रा कामेश्वर मार्केट, बस अड्डा, मेन चौक, फव्वारा चौक, लिंक रोड सहित अन्य बाजारों से होकर गुजारी।
शोभायात्रा में भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान के पात्र पेश किया गए। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। इसके बाद हरि मंदिर घाट पर एक घंटे आतिशबाजी के बीच तीर चला कर तीनों पुतलों का दहन किया गया। इस अवसर पर रंग बिरंगी आतिशबाजी की गई। मौके पर महंत पामेश्वर दास, पूर्व विधायक राजीव शर्मा और एसएसपी मोहन लाल भगत मुख्य अतिथि रहे। बृज पाल मेहता ने बताया कि विजयलक्ष्मी पर्व बड़ी धूमधाम के साथ और शांति से मनाया गया। इस अवसर पर बब्बी पंडित, वरेंद मिश्रा, मोहन सिंह, विनोद गुप्ता, राकेश गुप्ता, शिवा सहित अन्य मौजूद थे। संवाद
आरएसएस ने किया शस्त्र पूजन
बाड़ी ब्राह्मणा। दशहरा पर्व पर आरएसएस बाड़ी ब्राह्मण ने वार्ड-3 के पार्क में शस्त्र पूजन किया। इस मौके पर ब्लाक प्रधान सतीश गुप्ता विशेष तौर पर मौजूद रहे। उनकी अध्यक्षता में 60 लोगों ने पूजन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि आरएसएस का उद्देश्य देश को सशक्त राष्ट्र बनाना है। इसके लिए हर किसी को जिम्मेदारी समझनी चाहिए। स्वयंसेवक पूरे दृढ़ संकल्प के साथ समाज से बुराइयों को खत्म करें। इस मौके पर नगर संचालक कठुआ प्रेमानंद भी मौजूद रहे। संवाद
अरनिया। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयदशमी पर्व आदर्श गांव अला में धूमधाम से मनाया गया। रामलीला क्लब अला की ओर से मनाए गए पर्व में आस पड़ोस सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
क्लब के निदेशक पंडित गणेश दत्त के अनुसार विजयदशमी पर्व आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी के दिन मनाया जाता है। धर्मग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध कर विजय प्राप्त की थी। वहीं मां दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया। इसी कारण इसे विजयदशमी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दशहरा का पर्व एक अबूझ मुहूर्त है। इस दिन बिना मुहूर्त देखे सभी तरह के शुभ कार्य और खरीदारी की जा सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन काम से जुड़े बहीखाता की भी पूजा अर्चना करना बहुत शुभ माना जाता है। बहीखाते पर भी जौ, रोली, चावल इत्यादि चढ़ाए जाते हैं। बहीखाते आज कल कम ही दिखते हैं। कंप्यूटर का युग है। बहीखाते नहीं हों तो कंप्यूटर का पूजन करें।
वहीं मान्यता है कि दशहरे वाले दिन जरूरतमंद लोगों और ब्राह्मणों को भोजन कराकर सामर्थ्य के अनुसार दान देने से जीवन में शुभता आती है। दशहरा के दिन शस्त्र पूजा, दुर्गा पूजा, राम पूजा और हनुमान जी की पूजा का भी विशेष महत्व है।
क्लब के दूसरे निदेशक ताराचंद मेहरा ने बताया कि विजय दशमी पर्व न केवल बुराई के खिलाफ बल्कि हर व्यक्ति के नकारात्मक पहलुओं के खिलाफ भी विजय का संकेत देता है। स्थानीय नायब सरपंच लबली चाढ़क का कहना है कि दशहरे का उत्सव धर्म की रक्षा, शक्ति का प्रदर्शन और शक्ति का समन्वय का प्रतीक है। इस दिन कुंभकरण, रावण और मेघनाद के पुतले दहन किए जाते हैं।