कोशुर राग के म्यूजिकल हार्मनी कार्यक्रम का किया शुभारंभ, कलाकारों को किया सम्मानित
प्रदेशवासियों से कला, संस्कृति और साहित्यिक क्षेत्र में विविधता का जश्न मनाने का आह्वान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कला और संस्कृति समाज को जोड़ती है और प्रेरित करती है। इसे अतीत को भविष्य से जोड़ने वाले धागे के रूप में देखा जाना चाहिए। यह बात उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के सहयोग से कोशुर राग के म्यूजिकल हार्मनी कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कही।
उन्होंने प्रदेश की जनता से कला, संस्कृति और साहित्यिक क्षेत्र में विविधता का जश्न मनाने का आह्वान किया। कलाकारों को जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। जम्मू-कश्मीर की अमूल्य कलात्मक विरासत को समृद्ध बनाना और इसे वैश्विक मंच पर पहुंचाना हमारा संकल्प होना चाहिए। उन्होंने संगीत और अन्य कला रूपों के माध्यम से कश्मीरी सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उप राज्यपाल ने कहा कि भारत की संस्कृति समृद्ध और विविध है। इस अवसर पर मनोज सिन्हा ने अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने समाज में एकता, सद्भाव और शांति का संदेश देने में कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। संगीतमय शाम में पंडित अभय रुस्तम सोपोरी, मुनीर अहमद मीर, सुनयना काचरू और जम्मू कश्मीर के अन्य दिग्गज और युवा कलाकारों जैसे उस्तादों की भावपूर्ण प्रस्तुति देखी गई।