जम्मू। वेस्ट पाकिस्तानी हिंदु रिफ्यूजी फ्रंट (डब्ल्यूपीएचआरएफ) ने पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों (एससी श्रेणी के अलावा अन्य) को 16 अन्य पिछड़ी जातियों के साथ पिछड़े वर्ग के रूप में शामिल करने के उप राज्यपाल के फैसले का स्वागत किया है।
जम्मू-कश्मीर एसईबीसी आयोग ने 27 ओबीसी जातियों की मौजूदा सूची में इन्हें शामिल करने की सिफारिश की थी। अन्य सामाजिक जाति (ओएससी) श्रेणी के तहत पहले इन्हें दो प्रतिशत आरक्षण दिया जाता था, जो कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद 2020 में चार प्रतिशत बढ़ा दिया गया।
वेस्ट पाकिस्तानी हिंदु रिफ्यूजी फ्रंट (डब्ल्यूपीएचआरएफ) के अध्यक्ष मदन लाल दुबगोत्रा ने केंद्र सरकार के साथ-साथ उप राज्यपाल से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, उसी तरह जम्मू कश्मीर में भी ओबीसी श्रेणी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।