शहीद राइफलमैन धर्मपाल को 25वें शहीदी दिवस पर याद किया गया
ज्यौड़ियां। गांव मैरा निवासी सिपाही धर्मपाल को सोमवार को 25वें शहीदी दिवस पर याद किया गया। वह सेना की चार जैकलाई में तैनात थे। वर्ष 1996 को हदंवाड़ा डुगुन में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे। इस मौके पर किसान एडवाइजरी बोर्ड के उपाध्यक्ष दलजीत सिंह चिब तथा पंचायत मुट्ठी मैरा की सरपंच प्रिय शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में शहीद के परिजनों, सेना की चार जैकलाई से सेवानिवृत्त सैनिकों तथा क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया और शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सेना की 9 जैकलाई के सैनिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शहीद को श्रद्धांजलि दी, और शहीद धर्मपाल अमर रहे और भारत माता की जय के जयघोष लगाए। इस मौके पर सेवानिवृत्त सुबेदार मेजर रतन लाल ने उपस्थित लोगों से शहीद की यूनिट में कार्यप्रणाली पर रोशनी डालते हुए कहा कि धर्मपाल बहादुर जवान था। 16 अक्तूबर 1996 को आतंकवादियों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा था। सेवानिवृत्त लोगों ने बताया कि धर्मपाल बहुत ही दिलेर और बहादुर था, लेकिन जब वह आतंकवादियों का पीछा कर रहा था तो आड़ लेकर बैठे एक आतंकवादी ने उसे गोली मार दी। गोली लगने के पश्चात भी वह दौड़ता हुआ आतंकवादियों का पीछा करता रहा। उसने दो आतंकवादियों को मार गिराया।