संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। स्नातक में दाखिले के लिए 21 मई से आयोजित की जानी वाली सीयूईटी की प्रवेश परीक्षा को लेकर शुक्रवार को दिन भर जम्मू-कश्मीर में माहौल गर्म रहा। अभ्यर्थी और अभिभावक असमंजस में रहे। परीक्षा केंद्र अन्य राज्यों में बनने की प्रदेश प्रशासन को लगातार शिकायत मिलती रही। इस बीच उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से बात कर विद्यार्थियों की परेशानियों की जानकारी दी। देर शाम अभ्यर्थी व अभिभावक परीक्षा स्थगित होने की सूचना मिलने पर इस आस में राहत की सांस ली कि अब परीक्षा केंद्र से राहत मिल जाएगी।
एलजी ने ट्वीट किया कि उन्होंने परीक्षा केंद्र के बाबत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बात कर उन्हें विद्यार्थियों की परेशानियों की जानकारी दी। आग्रह किया कि सीयूईटी के केंद्र प्रदेश में ही बनाए जाएं। शिक्षा मंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर मुद्दे को हल करने का भरोसा दिलाया है। एलजी के ट्वीट के बाद भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा ने ट्वीट कर आभार जताया। कहा कि वह जनहित के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। वीरवार को जब यह मामला उनके समक्ष उठाया गया तब उन्होंने भरोसा दिलाया था कि उचित कदम उठाया जाएगा। वहीं, प्रदेश के कॉलेजों की निदेशक यासमीन आशाई ने कहा कि प्रशासन ने एनटीए के अधिकारियों से बातचीत कर अभ्यर्थियों की समस्या का समाधान निकाला है। अभ्यर्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
एलजी के शिक्षा मंत्री से बात करने के कुछ ही देर बाद एनटीए ने ट्वीट किया कि कश्मीर में अस्थायी केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, छात्रों की संख्या अधिक होने के चलते कुछ को बाहरी राज्यों में परीक्षा देने के लिए जाना पड़ सकता है।
सीयूईटी के लिए 87309 ने किया पंजीकरण
जम्मू-कश्मीर के 87309 अभ्यर्थियों ने सीयूईटी प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण करवाया है। एनटीए की ओर से अलग-अलग चरणों के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर में 27 केंद्र बनाए गए थे, लेकिन इन केंद्रों पर भी विद्यार्थी समायोजित नहीं हो सके। इस वजह से कई विद्यार्थियों का प्रदेश के बाहर केंद्र तय किया गया। जम्मू, श्रीनगर, बारामुला, सांबा और पुलवामा में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।