चोरी के आरोपी को जमानत मिलने के बाद उसे बिना उच्च अधिकारियों को बताए रिहा करने पर पीर मिट्ठा के मुंशी और एक एएसआई को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ आगे की कार्रवाई करने के लिए जांच भी की जाएगी।
एसएसपी सुनील गुप्ता ने इस लापरवाही को लेकर दोनों पर कार्रवाई की है। दरअसल, रिहा किए गए कैदी पर कुछ और थानों में मामले दर्ज हैं। इसकी जांच के लिए उसे पुलिस के नवगठित ज्वाइंट इनफारमेशन सेंटर (जेआईसी) में पेश करना था।
जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले पीर मिट्ठा पुलिस ने मीरां साहिब इलाके के रहने वाले बब्बलको चोरी के आरोप में पकड़ा था। पुलिस ने उसकी बोलेरो कार और बाइक भी जब्त की है। शहर के कई अन्य थानों में भी उसके खिलाफ अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज हैं।
उसको जमानत मिलने के बाद वह बुधवार को छूट गया। मुंशी इकबाल ने इसकी जानकारी न तो एसएचओ को दी और न ही किसी अन्य अधिकारी को। जमानत के दस्तावेज देखने के बाद उसे रिहा कर दिया। बाद में पता चला कि उसे जेआईसी में पेश करना था।
बताते चलें कि पुलिस की ओर से कुछ दिन पहले ही एक संयुक्त जानकारी केंद्र स्थापित किया गया है। यह उन अपराधियों के लिए है, जो बार-बार अपराध करते हैं। ऐसे भी कोई आरोपी जमानत पर छूटे तो पहले इस सेंटर में लाया जाता है, ताकि देखा जा सके कि वह किसी और जुर्म में शामिल तो नहीं।
बब्बल को भी इस सेंटर में शामिल किया जाना था। एसएसपी सुनील गुप्ता ने अपना पद संभालने के बाद यह एक नया प्रयास किया था। इसमें लापरवाही होने पर वह खासे नाराज थे। इसलिए उन्होंने यह सख्त कार्रवाई की। वहीं पुलिस आरोपी को फिर से पकड़ने की कोशिश में जुट गई है। पुलिस ने उससे संपर्क करने की कोशिश और उसे पकड़ने के लिए छापा भी मारा, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ सका।