न्यायालय ने एक तांत्रिक को छेड़खानी के आरोप में तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बुधवार को जज सुभाष चंद्र गुप्ता ने तांत्रिक अशोक कुमार निवासी बाजीगर बस्ती बाहु फोर्ट के खिलाफ चल रहे मामले पर सुनवाई की।
आरोप था कि अशोक ने एक लड़की को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, साथ ही उसके साथ छेड़खानी की। पीड़ित परिवार ने 2017 में बाहु पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी का पीड़ित के घर आना जाना था। इसी दौरान तांत्रिक ने कहा कि लड़की को जलपीर की बीमारी है। उसे इलाज की जरूरत है।
उसने लड़की के घरवालों को बताया कि वह इस बीमारी का इलाज करता है। घरवालों ने आरोपी पर विश्वास जताया। आरोपी ने इलाज करने के बहाने लड़की से छेड़खानी शुरू कर दी। उससे कहा कि यदि जलपीर निकालना है तो उसके साथ शादी करनी पड़ेगी। शादी करने पर उसे बाहर निकाला जा सकता है।
आरोपी ने उसे बहलाया, फुसलाया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। लड़की ने इसके बारे में अपने परिवार को बताया, लेकिन परिवार के लोगों ने उसकी नहीं मानी। वे उसे गुरु मानते थे। एक दिन पीड़ित लड़की अपने चाचा के घर गई और इस घटना के बारे बताया। चाचा के कहने पर लड़की ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया।