महिलाओं को तंत्र-मंत्र से वश में करने और उनसे शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी तांत्रिक बाबा अमरनाथ शर्मा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जेडीए का कर्मचारी होने के चलते अब उसकी हाजिरी की जांच होगी। जेडीए के उच्चाधिकारियों को सूचना मिली है कि अमरनाथ पांच साल से कार्यालय ही नहीं आया था और बिना उपस्थिति के उसे वेतन मिलता रहा है।
जेडीए वाइस चेयरपर्सन सुषमा चौहान के मुताबिक अमरनाथ की हाजिरी की जांच करवाई जाएगी कि हैंडराइटिंग उसी की है या किसी अन्य व्यक्ति ने उसकी हाजिरी लगाई है। उन्होंने बताया कि अमरनाथ को सस्पेंड किया जा चुका है। उसके खिलाफ जेडीए की प्रशासनिक जांच बिठाई गई है।
अगर हाजिरी के मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, जेडीए कार्यालय में तांत्रिक अमरनाथ की हाजिरी लगने को लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पांच साल से तांत्रिक अमरनाथ जेडीए आफिस ही नहीं पहुंचा था फिर उसकी हाजिरी कैसे लगती रही।
बड़ी बात यह भी है किबिना उपस्थिति के उसे वेतन भी मिलता रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि अमरनाथ अपना सारा वक्त अपने तांत्रिक कार्य करने में ही बिताता था, फिर आफिस आने का तो कोई समय उसके पास था ही नहीं। इस बात को कोई उजागर न करे, इसके लिए वह अपने कुछ साथियों की जेब भी गरम करता था।