शहर में ड्रग माफिया के बढ़ते कारोबार का सच एक बार फिर तब उजागर हुआ जब ड्रग के कथित ओवरडोज ने एक होनहार युवती की जान ले ली। गत नौ अक्टूबर को सुबह पौने नौ बजे कुछ देर में आने की कहकर घर से निकली 20 वर्षीय दिव्या बारह घंटे बाद जब लौटी तो होश में नहीं थी।
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पुलिस की पड़ताल और अन्य सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आई उसके मुताबिक घर से निकलते ही लाल रंग की एक कार छात्रा के पास आकर रुकी। उसमें तीन युवक बैठे बताए जाते हैं। छात्रा इस कार में सवार हो गई।
रात लगभग साढ़े आठ बजे कुछ युवक उसे अचेत अवस्था में घर के बाहर छोड़कर चले गए। मोहल्ले के लोगों ने घरवालों को बताया कि तुम्हारी बेटी बाहर बेहोश पड़ी है। तुरंत ही उसे उठाकर भीतर लाया गया। उसके होंठ और नाखून नीले पड़ गए थे।
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हालत में कोई सुधार न होने और शरीर लगातार ठंडा पड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। रात तीन बजे पीसीआर की फ्लाइंग आई। एंबुलेंस भी आ गई। युवती को जीएमसी ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषितकर दिया।
पोस्ट मार्टम की मुकम्मल रिपोर्ट अभी तक नहीं
12 अक्टूबर को युवती का जन्मदिन था। युवती के माता-पिता को शक हुआ कि उनकी बेटी अपनी मौत नहीं मरी बल्कि उसे मारा गया है। इस पर उन्होंने डाक्टरों के पैनल से पोस्ट मार्टम कराए जाने की मांग की। पोस्ट मार्टम की मुकम्मल रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।
पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो एक के बाद एक नये खुलासों ने उसे दंग कर दिया। पूरा मामला ड्रग के अवैध कारोबार और छात्र-छात्राओं को ड्रग एडिक्ट बनाने वाले माफिया की परतें खोलता हुआ लग रहा था। युवती के दांए हाथ पर इंजेक्शन से ड्रग दिए जाने के दर्जन भर से अधिक निशान थे।
मामले में कई गुत्थियां उलझी
सामान्यत: जब कोई स्वयं इस तरह ड्रग लेता है तो ये निशान बांए हाथ में पाए जाते हैं। युवती हिमाचल में पढ़ रही थी और सात दिन पहले ही जम्मू आई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि यहां उसका मोबाइल काम नहीं कर रहा था, इसलिए उसने अपने एक दोस्त से सिम मांग लिया था।
कॉल डिटेल के आधार पर भी कई लोगों से पूछताछ की गई। दिन में मोबाइल की लोकेशन रूपनगर और तालाब तिल्लो में पाई गई। पैडलर भी उसी इलाके के बताए जा रहे हैं।
घर के आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज भी खंगाले गए। कार पहले पोलो बताई जा रही थी, पर पुलिस जांच के मुताबिक वह मारुति 800 थी। पहले कहा जा रहा था कि रात को जो लोग छोड़ने आए थे वे बुलेरो में थे। पर पुलिस का निष्कर्ष है कि दोनों बार एक ही कार इस्तेमाल की गई।
आखिर क्यों पुलिस कर रही है आनाकानी
लगातार बढ़ते दबाव के कारण पुलिस आज-कल में ही मामला हल करने और आरोपियों को पकड़ने का ऐलान कर सकती है। युवती को ड्रग बेचने वाले पैडलर पुलिस की गिरफ्त में बताए जा रहे हैं। इनके नाम वी और आर से शुरू होते बताए गए हैं।
कहा तो यह भी जा रहा है कि मृतका के एक मित्र को सरकारी गवाह बनने के लिए राजी कर लिया गया है। कई ड्रग माफिया भी पुलिस के घेरे में हैं। पुलिस ने कई लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है, लेकिन मुख्य आरोपियों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। इस मामले में कई रईसजादे भी जांच के घेरे में हैं।
कई ड्रग पैडलर पुलिस शिकंजे में
दिव्या केस से कई ड्रग पैडलर पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं, जो शहर के युवाओं को ड्रग सप्लाई करते हैं। अब पुलिस उनके आकाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो पड़ोसी राज्य पंजाब से नशीले इंजेक्शन और दवाइयां लाकर सप्लाई करते हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि पंजाब का एक बड़ा सप्लायर पुलिस की गिरफ्त में है।
•युवती जिस कार में गई थी, वह किसकी थी? •घर से लेने और शाम को घर छोड़ने वाले युवक कौन थे? •ड्रग के इंजेक्शन किसने लगाए? ड्रग जबरदस्ती दिया गया? •ड्रग पैडलर को फोन किसने किया था?