द्वारका अदालत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला से दुष्कर्म और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जम्मू-कश्मीर निवासी सिक्योरिटी गार्ड अजय कुमार को दोषी ठहराया।
न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने उसे दुष्कर्म में 10 साल और आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में सात साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही स्पष्ट किया कि ये सजाएं अलग-अलग चलेंगी। अदालत ने दोषी पर डेढ़ लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने जम्मू-कश्मीर निवासी अजय के प्रति नरमी बरतने से इनकार करते हुए कहा कि वह पीड़ित महिला को जानता था और दोनों ही एक फार्म हाउस से सटे सर्वेंट क्वार्टर में रहते थे।
अभियुक्त द्वारा यौन शोषण कर ब्लैकमेल किए जाने की वजह से पीड़ित महिला के समक्ष ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न कर दीं कि उसकी जिंदा रहने की इच्छा ही खत्म हो गई।