ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर की एक अदालत ने शुक्रवार को वामिक फारूक की मौत के मामले में दो आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया।
दरअसल 31 जनवरी 2010 को श्रीनगर के राजौरी कदल में कथित तौर पर एक आंसू गैस का गोला सिर पर लगने से वामिक फारूक की मौत हो गई थी।
शुक्रवार को वामिक फारूक के परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील की दलील सुनने के बाद फारेस्ट मजिस्ट्रेट श्रीनगर बीए मुंशी ने एसएसपी श्रीनगर से दोनों आरोपी पुलिसकर्मी एएसआई अब्दुल खालिक और एसपीओ मोहम्मद अकरम को एक दिसंबर को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए।
मामले में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अब्दुल खालिक द्वारा श्रीनगर अदालत में चल रहे मुकदमे के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील की थी, जिसे शीर्ष अदालत द्वारा दो बार खारिज कर दिया गया।
इसके बाद दोनों आदेशों को जम्मू-कश्मीर के उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिन्हें बाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) श्रीनगर के सामने प्रस्तुत किया गया।
जिस पर वर्तमान सीजेएम मसर्रत शाहीन ने फारेस्ट मजिस्ट्रेट के पास मामले का तबादला किया था। जिन्होंने शुक्रवार को वकील एजाज अहमद की सुनवाई के बाद फैसला दिया।