राज्य में चार सौ करोड़ वाले राष्ट्रीय सैफरन मिशन के लागू होने की जांच होगी। देखा जाएगा कि इसे लागू किया भी गया या नहीं। चार जिलों में इसे लागू किया जाना था। कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन ने वीरवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में इसके निर्देश दिए हैं।
पुलवामा, बड़गाम, किश्तवाड़ और श्रीनगर जिलों के अतिरिक्त उपायुक्त इन जिलों में जांच करेगी। इन्हीं चारों जिलों में इस मिशन को लागू किया गया है। एक महीने के भीतर अधिकारी अपने अपने जिले की रिपोर्ट पेश करेंगे।
बैठक में सिंचाई, तकनीक, सैफरन भूमि पर अवैध निर्माण और सर्वे कराने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से बात हुई। अधिकारी अपनी जांच में बताएंगे कि इस मिशन के तहत कितना पैसा खर्च किया गया।
कितना पैसा आया और कितना इसका लाभ मिला। कृषि विभाग को मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मशीनरी और अन्य लेने के लिए एक व्यापक नीति बनाएं। किसानों को सैफरन का अच्छा बीज देने पर भी बल दिया गया।