बहुचर्चित संजय कुमार उर्फ बकरा हत्याकांड की जांच में उस समय नया मोड़ आया, जब पुलिस ने सप्लीमेंटरी चालान पेश करने से पहले एक आरोपी दीपक कुमार उर्फ दीपू को पुलिस हिरासत में देने के लिए अदालत में आवेदन किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से आवश्यक पूछताछ की जानी है। इस पर अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में देने की मांग ठुकरा दी और कहा कि कोट भलवाल जेल में पूछताछ की जाए।
प्रिंसिपल सेशन जज आरएस जैन ने सरकारी वकील की दलीलें सुनने के बाद पाया कि आरोपी दीपक केस के ट्रायल के दौरान गिरफ्तार हुआ था। उस पर आरपीसी की धारा 302 के तहत आरोप तय हुए थे। ट्रायल के दौरान अभियोजन ने कई गवाहों से पूछताछ की थी। आरोपी दीपक कुमार की गिरफ्तारी 19 फरवरी, 2011 को हुई थी।
उस समय तक अभियोजन ने गवाहों के बयान ले लिए थे। पुलिस ने दीपक को हिरासत में देने की मांग करते हुए कहा कि उस पर डबल बैरल गन को शार्ट गन में बदलने का आरोप है। उक्त हथियार भी निशानदेही पर बरामद किया गया है। उस समय कहा गया था कि जब भी उसकी गिरफ्तारी होगी, उससे कानून के अनुसार गहन पूछताछ की जाएगी।
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि केस की परिस्थितियों के अनुसार सिर्फ एक ही आरोपी से पूछताछ की जानी है। यह उससे न्यायिक हिरासत में भी की जा सकती है। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने बाहु फोर्ट के एसएचओ या जांच अधिकारी को निर्देश दिए कि दीपक से कोट भलवाल जेल में ही पूछताछ की जाए। जेएनएफ