मृत महिला से उपहार में जमीन लेने के मामले में म्यूनिसिपल कमेटी बांडीपोरा के जूनियर असिस्टेंट जावेद अहमद शाह विजिलेंस के घेरे में फंस गए हैं। शाह पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी से संपत्ति के कागजात तैयार कर राजस्व को चपत लगाई।
विजिलेंस के अनुसार शाह ने अपनी पत्नी नाजिया हसन के साथ मिलकर वर्ष 2010-11 में धोखाधड़ी की और गैरकानूनी ढंग से उपहार डीड का निर्माण किया। शाह ने एक कनाल 18 मरला जमीन गुलाम रसूल शेख से 29 लाख रुपये में खरीदी। लेकिन जमीन का हस्तांतरण रसूल की मां आशमी से अपनी पत्नी को मिला उपहार दिखाया गया।
ताकि रेवेन्यू ड्यूटी बचाई जा सके। उक्त जमीन का हस्तांतरण 25 अप्रैल 1999 दिखाया गया, जबकि जमीन के विक्रेता रसूल की मां का इंतकाल 25 साल पहले हो चुका था। इस तरह शाह ने 1.75 लाख रुपये की ड्यूटी धोखे से बचा ली। विजिलेंस प्रवक्ता के अनुसार दोनों पार्टियों ने ड्यूटी बचाने के लिए धोखाधड़ी की।
खासकर सरकारी मुलाजिम द्वारा ऐसा किया जाना रणबीर पैनल कोड और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आरपीसी की धारा 120-बी और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की अगली जांच जारी है।