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शौच के लिए गई किशोरी की करंट से मौत

Thu, 25 Jun 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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नवाबाद थाना के अंतर्गत पावर हाउस के पीछे भगवती नगर में रहने वाली एक महिला की वीरवार को करंट लगने से मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। चाचा और अन्य स्थानीय लोगों ने तब तक मृतका नेहा देवी के शव को उठाने नहीं दिया, जब तक पीड़ित परिवार को मुआवजा और विभाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कर दी गई।
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पीड़ित परिवार को 1.50 लाख रुपये मुआवजा देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया। मृतका की मां रानो देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि नेहा सुबह दस बजे शौच के लिए गई थी, लेकिन काफी देर तक जब वह वापस नहीं आई तो उसने खुद जाकर देखा तो नेहा की करंट से मौत हो चुकी थी। उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।

आईपीएस संदीप कुमार, एसपी एसकेएस, एसएचओ नवाबाद करण कुमार चलोत्रा, तहसीलदार आबिद हुसैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीडीडी के खिलाफ लिखित में शिकायत लेने के बाद कार्रवाई का विश्वास दिलाया है। इससे पहले कई घंटों तक तनाव बना रहा। मौके पर पहुंचे विधायक सत शर्मा ने एक लाख रुपये, नेकां नेता धर्मवीर सिंह 10 हजार रुपये, डीसी ने 50 हजार रुपये, प्रमोद कपाही और आशा रानी की ओर से 5-5 हजार रुपये मदद दी गई है।
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विधायक सत शर्मा ने पीडीडी को निर्देश दिए हैं कि उनके फंड में से जितना खर्च आएगा, बिजली के खंभे और तार दुरुस्त करने में लगाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।

दो-तीन दिन से आ रहा था करंट
स्थानीय लोगों के मुताबिक दो-तीन दिन से खंभे में करंट आ रहा था। इसके बारे में संबंधित विभाग को बताया गया था, लेकिन कोई भी दुरुस्त करने के लिए नहीं आया। मरम्मत समय पर कर दी जाती तो शायद किशोरी की जान बच जाती।

नहर किनारे दीवार बनवाने की मांग
स्थानीय महिलाओं आशा देवी, ममता कुमारी, ज्योति देवी और मतिया ने बताया कि वे लंबे समय से नहर किनारे दीवार बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है। इससे पहले मोनू की डूबने से मौत हो चुकी है, गाय नहर में बह गई थी। मृतका की चाची प्रिया के मुताबिक छत के ऊपर से नंगा तार गुजर रहा है, जिसकी चपेट में आकर पहले एक बच्ची का पैर जल चुका है।

भाई-बहन से बड़ी थी नेहा
नेहा अपने दो भाई-बहन से बड़ी थी, उससे छोटी सोनिया और भाई शिवम का रो-रोकर बुरा हाल था। नेहा तीसरी कक्षा की छात्रा थी। खस्ताहाल कच्चे मकान में रहते हुए शौचालय नहीं था, इसलिए बच्ची को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता था। पिता सोमराज जन्म से ही एक पैर से अपाहिज हैं और बिक्रम चौक में दर्जी की दुकान में काम करते हैं। बमुश्किल से परिवार का गुजारा ही हो पाता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनेता चुनाव के दौरान उनके इलाके को वार्ड नंबर 14 का हिस्सा बताते हैं, लेकिन विकास कार्य करवाने के समय वह नहर के पार का हिस्सा बताते हैं। इलाके में कई पीने के पानी, बिजली तथा सीवरेज पाइप जैसी बहुत सारी समस्याएं हैं जिनका अभी कोई समाधान नहीं किया गया है।

लोगों को अपने वोट देने का भी मलाल है। बच्ची की मौत से गुस्साए लोगों ने पहले शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी, लेकिन फिर कुछ बड़े-बुजुर्गों के समझाने के बाद ऐसा नहीं किया गया।
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