शिकायतकर्ता निजी सुरक्षा उपलब्ध करवाने वाली फर्म का कर्मचारी है। सीबीआई से की गई शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा कि दिसंबर 2020 में ईएसआईसी की ओर से फर्म को नोटिस जारी किया गया। नोटिस में कहा गया कि फर्म ने जरूरी औपचारिकताओं से जुड़े दस्तावेज पूरे नहीं किए हैं। इसके चलते फर्म पर लगभग 23,90,850 रुपये का जुर्माना लगेगा। नोटिस मिलने के तुरंत बाद शिकायतकर्ता कर्मचारी फर्म के मालिक के साथ क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। यहां उप निदेशक से बात की गई तो उनसे कहा गया कि यदि वे दो लाख रुपये की रिश्वत देते हैं तो उनकी जुर्माना राशि को कम किया जा सकता है।
दोनों पक्षों के बीच मोलभाव के बाद आखिरकार दो लाख रुपये की रिश्वत चार किस्तों में देना तय हो गया। इसी दौरान शिकायतकर्ता ने सीबीआई को सूचित कर दिया। सीबीआई की टीम ने जाल बिछाकर उप निदेशक को 50 हजार रुपये की पहली किस्त के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।