पड़ोसी राज्य पंजाब की तरह जम्मू-कश्मीर में नशे के बढ़ते मकड़जाल के खिलाफ पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुलिस अब नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार होने वाले आरोपियों को सिर्फ एनडीपीएस एक्ट के तहत ही गिरफ्तार नहीं करेगी, बल्कि उनके खिलाफ सख्ती से अदालतोें में केस रखेगी, ताकि उन्हें निजात न मिल सके।
जम्मू के नवनियुक्त एसएसपी सुनील गुुप्ता के अनुसार नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ डीजीपी के राजेंद्रा कुमार ने विशेष हिदायत जारी की है। इसके तहत पुलिस प्रशासन नशों के सौदागरों का डाटा बैंक तैयार कर रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार होने वाले लोगों का पिछला रिकार्ड देखा जाएगा और यदि कोई शख्स लगातार चार-पांच बार इस केस में गिरफ्तार होता है तो उसके खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) भी लगाया जाएगा। ऐसे लोगों का रिकार्ड तमाम थानों में मौजूद रहेगा, ताकि आरोपी का पिछला इतिहास ढूंढने की कोई खास कवायद न करनी पड़े।
एसएसपी ने कहा कि शहर के बड़े स्कूलों के आसपास नशे का कारोबार करने वालों के सक्रिय होने की सूचना मिली है, जिसके आधार पर पुलिस की टीमें काम कर रही हैं। इसमें सिविल सोसाइटी और नशों के खिलाफ काम करने वाली संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है।
इसके लिए पुलिस ने ‘आनंद’ टीम का गठन किया है। इसमें शामिल अफसर एक योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने माना कि इससे पहले अभियोजन की कमजोरी के कारण इस तरह के ड्रग पैडलर अदालत से बच निकलते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा।