उस दौरान सोमा देवी के कब्जे वाली जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया में विजयपुर के एसडीएम ने अन्य राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची। एसडीएम विजयपुर ने एक आदेश पारित कर सोमा देवी के नाम पर हुई म्यूटेशन नंबर 772 की समीक्षा की रिवीजन करने को कहा। तत्कालीन समैलपुर के पटवारी, बाड़ी ब्राह्मणा के गिरदावर, नायब तहसीलदार और तहसीलदार ने अपने स्तर पर ही सुभाष चंद्र और सुनील सिंह के खाते में संसार सिंह की म्यूटेशन को अटेस्ट कर दिया।
जबकि इसके पहले नायब तहसीलदार की रिपोर्ट में यह बताया गया था कि म्यूटेशन नंबर 772 की समीक्षा करने की कोई आवश्यकता नहीं। क्योंकि तरलोक सिंह की म्यूटेशन नंबर 1442 पहले से ही सुनील सिंह और सुभाष के पक्ष में अटेस्ट थी। इसके बाद अधिकारियों ने रजनीश पुरी के पक्ष में पेमेंट जारी कर दिया। जबकि यह मामला एसडीएम के पास चल रहा था।
सोमा देवी का पैसा रजनीश पुरी को दिया
सोमा देवी की वह जमीन, जो औद्योगिक विकास के लिए ली गई थी उसके लिए जो पैसा देना था, वह सोमा देवी की जगह रजनीश पुरी को दे दिया गया। इस तरह से सिडको को दी गई सोमा देवी की जमीन से अधिकारियों ने 2.75 करोड़ रुपये का लाभ लिया। रजनीश के अलावा रमन कुमार के पक्ष में फर्द काटा गया। जबकि दोनों के बीच पावर ऑफ अटार्नी वापस लेने का मामला कोर्ट में चल रहा था। एसीबी ने मामले की जांच करने के बाद रजनीश पुरी, रमन कुमार, एसडीएम, पूर्व नायब तहसीलदार समेत लाभ लेने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच चल रही है।