भाई के दस्तावेजों पर अपनी तस्वीर लगाकर पुलिस में भर्ती होने की कोशिश में दोषी पाए गए बलजीत सिंह को अदालत ने पांच साल की कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू एमए चौधरी ने कहा कि अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों से साबित होता है कि बलजीत ने अपने भाई संजीव के दस्तावेज इस्तेमाल किए। अभियोजन के अनुसार आरोपी खुद दसवीं पास भी नहीं था।
उसने अपने भाई संजीव के दस्तावेजों पर अपने फोटो लगाए और हस्ताक्षर कर दस्तावेज जमा करवा दिए। सीआईडी वेरिफिकेशन के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। यह मामला देवीपुर अखनूर में पुलिस कांस्टेबल की विशेष भर्ती से संबंधित है।