नौकरी के नाम पर 54.50 लाख रुपये ठगने वाले जेएंडके पुलिस के कांस्टेबल बाबू राम की जमानत अर्जी जम्मू की सिटी जज संदीप कौर ने खारिज कर दी। पुलिस केस के अनुसार 29 दिसंबर 2014 को शिकायतकर्ता ने लिखित शिकायत दी कि आरोपी पुलिस विभाग में लगा हुआ है। उसने कहा कि वह डीआईजी उधमपुर रेंज के कार्यालय में तैनात है।
वह बेरोजगार युवकों को पुलिस के अलावा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों में नौकरी लगवाता है। इसके अलावा वह खुद को डीआईजी का पर्सनल असिस्टेंट के साथ कई सेलेक्शन कमेटियों का सदस्य बताया। शिकायतकर्ता के बेटे को पुलिस महकमे में कांस्टेबल की नौकरी दिलाने का उसने वादा किया।
शिकायतकर्ता ने दो बच्चों के लिए क्रमश: 6,65,000 और सात लाख रुपये दे दिए। लेकिन आरोपी ने उनके बच्चों को नौकरी नहीं दिलाई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने कई लोगों को नौकरी के नाम पर ठगा। पुलिस के सामने 54.50 लाख रुपये ठगने के आरोप सामने आए।
सीनियर प्रोसिक्यूटिंग अफसर अंशुमन दुबे की दलीलें सुनने के बाद सिटी जज संदीप कौर ने पाया कि केस अभी प्रारंभिक स्तर पर है। यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह जांच को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने माना कि इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
आरोपी पर लगे आरोप काफी गंभीर हैं और समाज के लिए काफी घातक है। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जेएनएफ