जम्मू के कठुआ में हुए भूमि विवाद में एक ही परिवार के दो कुनबों के बीच वर्षों से भूमि के लिए चल रही रंजिश रविवार को खूनी संघर्ष में बदल गई। खेत में काम करने गए चार भाइयों पर दूसरे पक्ष के एक सदस्य ने घात लगाकर फायरिंग कर दी।
तड़ातड़ फायरिंग में चारों घायल हो गए। आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद तीन घायलों को जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
ताबड़तोड़ बरसाई गई गोलियां
जम्मू-पठानकोट हाईवे से सटे कठुआ के निकटवर्ती गांव बसवांई में यह वारदात दोपहर को हुई। घायलों में शामिल कुलदीप सिंह निवासी बरवाल के अनुसार उनके परिवार की कुनबे से संबंधित दूसरे पक्ष के साथ भूमि विवाद को लेकर तनातनी का माहौल था। चार दिन पूर्व ही भूमि बंटवारे के लिए दोनों पक्षों में बहस हुई थी।
मामला गोलीबारी तक बढ़ जाएगा, इसका उनको अंदेशा नहीं था। उन्होंने बताया कि दोपहर को वे चारों भाई खेत का जायजा लेने गए। इसी दौरान खेत में घात लगाकर पहले से बैठे दूसरे पक्ष के शिवचरण सिंह निवासी बरवाल ने चारों भाइयों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।
अलग-अलग दिशा में भागने लगे चारों भाई
बताया जा रहा है कि आरोपी के पास दोनाली बंदूक थी। गोली से घायल होने पर चारों भाई अलग-अलग दिशा में भागने लगे। यह देख आरोपी मौके से फरार हो गया।
घायलों में शामिल कुलदीप सिंह जिला अस्पताल में उपचाराधीन है, जबकि पवन सिंह, रशपाल सिंह और सुरिंदर सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया।
एसएसपी कठुआ मोहनलाल के अनुसार गोलीकांड की वजह भूमि विवाद है। मामले की छानबीन जारी है। आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमला करने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
दो सप्ताह में दूसरा गोलीकांड
संगीन आपराधिक गतिविधियों के लिहाज से शांत कहे जाने वाले कठुआ शहर व सटे इलाकों में गोलीबारी की घटनाएं दहशत फैला रही हैं। पिछले दो सप्ताह के भीतर ही कठुआ शहर से सटे इलाकों में गोलीकांड का दूसरा मामला सामने आ गया है। इसके चलते लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है।
दरअसल, सोलह सितंबर को ट्रक ओनर्स यूनियन कार्यालय परिसर में गोलीकांड की घटना ने स्तब्ध कर दिया था। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे। गोलीकांड की वजह से न सिर्फ ट्रक ओनर्स यूनियन से सटे इलाकों बल्कि कठुआ शहर में भी दहशत को महसूस किया गया।
ऐसे में बसवांई गांव में एक और गोलीकांड की घटना ने दहशत का माहौल बना दिया है। गौरतलब है कि कठुआ शहर और आसपास के इलाकों में अपराध पर लंबे समय से अंकुश लगा रहा। तस्करी, नशाखोरी और छिटपुट झड़पों तक सीमित अपराध ने यकायक गोलीकांड जैसी घटनाओं में तब्दील होने से पुलिस भी सकते में है।