खरोट के नजदीक से गुजरने वाली रावी-तवी नहर में डूबने से तरुण की मौत से शहर के लोग स्तब्ध हैं। वार्ड नंबर-एक निवासी तरुण घर में मातम छाया है। पूरे मोहल्ले के लोग गम में डूबे हैं।
शनिवार रात साढे़ ग्यारह बजे पुलिस ने स्थानीय लोेगों और एसडीआरएफ के गोताखोरों की मदद से शव को बरामद कर लिया था। इसके बाद से शव को जिला अस्पताल में रखा गया था। रविवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार वालों को सौंप दिया गया। पुलिस ने आरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
युवा उम्र की दहलीज पर कदम रखते ही साथ छोड़ गए तरुण के दोस्तों पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तरुण के सकुशल लौटने की दुआएं कर रहे दोस्तों को जब मौत की खबर मिली तो किसी को भी यकीन नहीं हुआ। दोस्तों का कहना था कि तरुण जिंदादिल इंसान था। तरुण के परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगाें ने बताया कि तरुण के पिता विजय कुमार सरकारी कर्मचारी हैं। बारहवीं कक्षा में पास होने के बाद वह अपने बेटे को इंजीनियरिंग कालेज में दाखिला दिलाने की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन उसकी मौत ने परिवार के सपनों को भी तोड़ कर रख दिया। तरुण मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनों को अपने भाई को खोने का भारी गम है।