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दिव्या मर्डर: आरोपियों के खिलाफ चालान पेश

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शहर के बहुचर्चित दिव्या मन्हास केस के मामले में क्राइम ब्रांच ने आरोपी विक्रम सिंह उर्फ विक्कू, रूबेल शर्मा उर्फ चिंपू (दोनों निवासी तालाब तिल्लो) और यशजीत उर्फ कालिया उर्फ चाचू (निवासी हिमाचल प्रदेश) के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया।
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ड्रग्स का ओवरडोज लेने के कारण छन्नी हिम्मत निवासी दिव्या मन्हास की मौत हुई थी और पुलिस ने तीनों ड्रग सप्लायर के खिलाफ आरपीसी की धारा 304, 120-बी और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।

10 अक्तूबर, 2014 को छन्नी हिम्मत पुलिस को पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि एक छात्रा दिव्या मन्हास (निवासी मार्बल मार्केट, छन्नी हिम्मत) अपने घर के पास बेहोशी की हालत में मिली है।
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उसके अभिभावकों ने उसे तत्काल जीएमसी अस्पताल पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया।

हेरोइन का हैवी डोज

चूंकि छात्रा की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई, इसलिए छन्नी हिम्मत पुलिस ने आरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज किया और बाद में इस मामले में एफआईआर में तब्दील कर दिया गया। 15 नवंबर, 2014 को मामले की जांच क्राइम ब्रांच जम्मू को सौंप दी गई।

जांच के दौरान पाया गया कि दो ड्रग सप्लायर विक्रम सिंह उर्फ विक्कू और रोबेल शर्मा उर्फ चिंपू मृतका को हेरोइन सप्लाई करते थे। घटना के दिन दोनों ने उसे हेरोइन का हैवी डोज दिया था।

जांच में सामने आया कि यशजीत उर्फ कालिया उर्फ चाचू उक्त दोनों सप्लायर को ड्रग उपलब्ध करवाता था, जो उसे स्कूल छात्र-छात्राओं को बेचते थे। चूंकि आरोपी ड्रग सप्लाई करने का काम करते थे, इसलिए उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
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जज के समक्ष चालान पेश

आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत छात्रा को हेरोइन का भारी डोज दिया। एफएसएल जांच में स्पष्ट हुआ कि उसकी मौत नशीले पदार्थ के कारण हुई है। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ दर्ज केस में धारा 304, 120-बी भी जोड़ दी गई।

जांच पूरी करने के बाद प्रिंसिपल सेशन जज के समक्ष चालान पेश किया गया। एसएसपी क्राइम ब्रांच मुबस्सर लतीफी के अनुसार युवाओं के बीच ड्रग बेचने वालों के खिलाफ अभी जांच चल रही है।
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