बाद में एसएसपी डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने स्थिति को संभाला और प्रबंधन की ओर से उन्हें उचित समाधान दिलाने का आश्वासन दिया, इसके बाद बवाल थमा। हटली पुलिस चौकी से लेकर रेलवे रोड और इकाई की कॉलोनियों में स्थिति दिनभर तनावपूर्ण बनी रही। देर शाम तक रेलवे रोड़ को हाईवे से जोड़ने वाले मार्ग पर जहां तारबंदी की गई वहीं पुलिस भी गश्त करती रही।
घर लौटना चाहते हैं श्रमिक : एसएसपी
श्रमिक घर लौटना चाहते हैं। शुक्रवार को कम वेतन मिलने के बाद उनमें यह आशंका पैदा हो गई कि कंपनी श्रमिकों को काम पर बांधे रखना चाहते हैं। इकाई प्रबंधक स्थिति को संभालने में असफल रहे जिससे यह स्थिति बनी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश अनुसार उनकी सूची तैयार कर संबंधित जिलों को भेजी जाएगी। वहां से एनओसी व वाहनों की व्यवस्था होने के बाद इन्हें भेजा जाएगा। उपद्रव करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
जिसने काम किया उसे भी उतना, जिसने नहीं किया उसे भी भी उतना वेतन: श्रमिक
दूसरी ओर श्रमिकों का कहना है कि उन्होंने अप्रैल माह में काम किया है लेकिन उन्हें वाउचर पर आधा ही वेतन जारी किया गया है। इकाई ने नियमित कर्मचारियों को जहां पूरा वेतन जारी कर दिया है वहीं अन्य श्रमिकों को दो से ढाई हजार तक ही जारी किए हैं। ऐसे में परिवार के साथ गुजारा कैसे करेंगे।
कठुआ में श्रमिकों के भड़कने के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती देख एसएसपी कठुआ ने अपने चित-परिचित अंदाज में श्रमिकों के बीच पहुंचकर ऐसा अनुभव दिखाया, जिसके बाद श्रमिक भी उनके मुरीद हो गए। उन्होंने उग्र हुई भीड़ के बीच बढ़ने के साथ ही पुलिस को भी पीछे हटने के निर्देश दे दिए। इसके बाद उन्होंने श्रमिकों से उनकी समस्याएं उनकी ही भाषा में पूछीं तो श्रमिक भी जवाब देते और शांत होते नजर आए। एसएसपी ने उनको भरोसा दिलाया कि प्रबंधन से बातचीत कर उनका तय मानदेय जारी करवाया जाएगा।
एसएसपी ने कॉलोनी के भीतर और रेलवे रोड़ पर एकत्रित हुए एक हजार से अधिक लोगों को संबोधित किया जिसके बाद वो अपने अपने घरों को लौट गए। उन्होंने उपद्रव मचा रहे लोगों को भरोसे में लेकर पुलिस के साथ साथ जनता के सामान आदि की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सौंप दी। कहा कि उनकी समस्या का हल करवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा लेकिन इस बीच सुरक्षा का ध्यान रखना श्रमिकों की जिम्मेदारी है और वो कानून को हाथ में न लें।