क्राइम ब्रांच जम्मू ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रमोशन लेकर जूनियर इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर (माइग्रेंट) बनने का एक खुलासा किया है। दुर्गा नगर, सेक्टर-1 निवासी गिरधारी लाल के खिलाफ 2011 में विभाग के साथ धोखाधड़ी करने की एफआईआर दर्ज हुई थी।
क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी के मामले का चालान वीरवार को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जम्मू के सामने पेश किया है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन कमिश्नर जम्मू (माइग्रेंट) ने 2011 में एफआईआर दर्ज करवाई थी कि उनके रिलीफ आर्गनाइजेशन के इंजीनियर विंग में गिरधारी लाल ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे प्रमोशन लेकर जूनियर इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर का रैंक हासिल किया है।
जबकि संबंधित प्रमोशन की सारी प्रक्रिया विभाग से जुड़ी है। विभाग द्वारा गठित अथॉरिटी की ओर से ही सीनियारिटी के आधार पर प्रमोशन दिया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गिरधारी लाल ने जो डिप्लोमा और प्रमाणपत्र दिए थे, वे जांच में सहीं नहीं पाए गए।
इसके बाद जब आरोपी से यह पूछा गया कि किसके आदेश के आधार पर वह जूनियर इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर प्रमोट होने का दावा करते हैं, तो आरोपी ने अर्बन लोकल बॉडी कश्मीर के डायरेक्टर विनोद कौल और डिप्टी डायरेक्टर बशीर अहमद सोफी के हस्ताक्षर वाले आर्डर को पेश किया, जो उनके विभाग पर लागू ही नहीं होते हैं।
यह जूनियर इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर के लिए मान्य ही नहीं है। इस तरह से फर्जी दस्तावेजों के चलते क्राइम ब्रांच ने मामले को आगे बढ़ाते हुए वीरवार को चालान पेश किया है।