हाईकोर्ट ने तवी नदी पर अतिक्रमण करने के मामले में प्रशासन को रिपोर्ट तैयार करके कार्रवाई करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा, प्रशासन अवैध तरीके से बसी कालोनियां, अतिक्रमण की रिपोर्ट के लिए बाढ़, नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग, वन विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों को आदेश दिया कि वही अपने अधिकार क्षेत्र की पहचान करे।
न्यायाधीश धीरज सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीएस वालिया की खंडपीठ ने मंडलायुक्त जम्मू को आदेश दिया कि वह एक राजस्व, बाढ़ नियंत्रण, वन, नगर निगम, जेडीए, नजूल आदि विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम का गठन करे। जो तवी नदी के तट का नक्शा तैयार करे।
निशानदेही व अधिकार क्षेत्र की पहचान करे। रिपोर्ट तैयार कोर्ट में पेश करे। यह भी पता लगाया जाए कि कितनी जमीन पर अवैध निर्माण हुआ है। इस पूरे मामले में जो रिपोर्ट 22 जुलाई 2015 को पेश की गई थी, उसमें क्या कार्रवाई की गई, इसकी रिपोर्ट भी आधिकारिक स्तर पर दी जाए।
रिकार्ड सैटेलाइट तरीके से तैयार किया जाए, जिसमें बाढ़ एवं सिंचाई, वन विभाग आदि की जमीन पर अतिक्रमण की पूरी रिपोर्ट पेश हो। तवी में प्रदूषण पर नगर निगम को हल्फनामा पर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
सिटी के कचरे और नाले की गंदगी तवी में फेंकने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए। सरकार ने कई अध्यादेश भी जारी किए। भू उत्खनन विभाग को भी हर 24 घटें में मानीटरिंग करने के आदेश दिए। खंडपीठ ने एसएसपी जम्मू, भू उत्तखनन विभाग को भी हलफनामा पर अपनी जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।