सामूहिक बलात्कार मामले में गिरफ्तार अनिल कुमार बिल्ला को फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी वाईपी कोतवाल ने जमानत देने से इंकार कर दिया। पुलिस केस के अनुसार रात लगभग 9:30 बजे ज्यूल से जगती के लिए कोई मेटाडोर न मिलने पर पीड़िता ने एक आरोपी मुकेश को लिफ्ट देने को कहा।
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसे जगती ले जाने की बजाय मुट्ठी की ओर वाहन मोड़ दिया। जब उसने रोका तो वह जबरन उसे मुट्ठी के एक घर में ले गया। जहां पहले से दो अन्य लड़के मौजूद थे। तीनों ने शराब पी और पीड़िता को भी शराब पीने के लिए मजबूर किया। इसके बाद जमानत अर्जी दायर करने वाले आरोपी सहित तीनों युवकों ने रातभर उसके साथ बलात्कार किया।
सुबह पीड़िता ने पुलिस थाने पहुंच आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फास्ट कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ने पाया कि आरोपियों ने पीड़िता को अवैध रूप से बंधक बनाया और उसके साथ बलात्कार किया। अभी मामले की जांच पूरी नहीं हुई है और गवाहों के बयान भी दर्ज होने बाकी हैं। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जेएनएफ